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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संस्कृत के विकास के लिए प्रोत्साहन समिति का गठन

By JagranEdited By:
Published: Tue, 02 May 2017 08:05 PM (IST)

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : संस्कृत छात्र सेवा समिति ने मातृभाषा संस्कृत के विकास और प्रयोग को बढ़ा

संस्कृत के विकास के लिए प्रोत्साहन समिति का गठन
संस्कृत के विकास के लिए प्रोत्साहन समिति का गठन

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश :

संस्कृत छात्र सेवा समिति ने मातृभाषा संस्कृत के विकास और प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विधानसभा संस्कृत भाषा प्रोत्साहन समिति का गठन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रदेशभर में संस्कृत को बढ़ावा व संरक्षण देना जरूरी है।

मंगलवार को ओमकारानंद निवास कैलासगेट मुनिकीरेती में संस्कृत छात्र सेवा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति अध्यक्ष सुरेश पंत ने कहा जिस प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष संस्कृत भाषा में अपने पद की शपथ ले रहे हैं, वह सरकार अवश्य ही संस्कृत भाषा के विकास के लिए ठोस कदम उठाएगी। समिति के प्रदेश संगठन मंत्री पुरुषोत्तम कोठारी ने कहा कि भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने संस्कृत भाषा को राज्य की द्वितीय भाषा का दर्जा दिया था। जिसका अनुसरण करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भी संस्कृत में ही अपने दायित्वों की शपथ ली। बैठक में संस्कृत भाषा के विकास को राज्य सरकार का सहयोग देने के लिए विधानसभा संस्कृत भाषा प्रोत्साहन समिति का गठन किया गया। बैठक में अंकित उनियाल, सूरज बिजल्वाण, सर्वेश तिवाड़ी, अभिषेक मैठाणी, महासचिव कैलास व्यास, आशीष सेमवाल आदि उपस्थित रहे।