जागरण संवाददाता, देहरादून: रायपुर क्षेत्र की एक महिला के खाते से जालसाजों ने 1.38 लाख रुपये उड़ा दिए। पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि उसने एटीएम कार्ड से जुड़ी कोई जानकारी किसी को नहीं दी थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि महिला के एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर धोखाधड़ी की गई है।

इंस्पेक्टर रायपुर हेमेंद्र नेगी ने बताया कि हेमा रावत निवासी गढ़वाली कालोनी नेहरूग्राम ने ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका खाता एसबीआइ रायपुर में है। जो कुलदीप रावत के साथ ज्वाइंट है। 25 से 28 जुलाई के बीच उनके खाते से 1.38 लाख रुपये निकल गए। हेमा का कहना है कि इस दौरान उन्होंने अपने एटीएम कार्ड या बैंक से कोई निकासी नहीं की और न ही एटीएम कार्ड या बैंक अकाउंट से जुड़ी कोई जानकारी साझा की। ठगी का पता तब चला, जब पिछले दिनों पासबुक अपडेट कराई। तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी और आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बीमा पालिसी के नाम पर ठगी

रायपुर क्षेत्र में बीमा पालिसी की किश्त जमा कराने के नाम पर एक व्यक्ति से 21 हजार 400 रुपये की ठगी कर ली गई। इंस्पेक्टर हेमेंद्र नेगी ने बताया कि मगन सिंह निवासी ऋषिनगर, अधोईवाला ने पत्‍‌नी सरला देवी के नाम से एक निजी बीमा कंपनी की पालिसी ली है। 13 जुलाई को रोहित शर्मा नामक व्यक्ति का फोन आया। उसने बताया कि वह बीमा कंपनी के दिल्ली के आफिस से बोल रहा है। उनकी किश्त जमा न होने के कारण उनकी पालिसी डेड हो सकती है। मगन ने रोहित द्वारा बताए अकाउंट में बीमा की किश्त जमा कर दी। मगर जब उन्होंने रसीद मांगी तो वह आनाकानी करने लगा। राजपुर रोड स्थित बीमा कंपनी के आफिस पर पता किया गया तो बताया गया कि उनकी कोई किश्त जमा नहीं हुई है। मामले में रोहित के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।

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