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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हुए 13 उप निरीक्षक

By Sunil NegiEdited By:
Published: Fri, 13 Apr 2018 09:25 PM (IST)Updated: Sat, 14 Apr 2018 05:06 PM (IST)

आइटीबीपी अकादमी मसूरी में आयोजित दीक्षांत समारोह में 13 अधीनस्थ अधिकारी बतौर उप निरीक्षक आइटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हुए।

आइटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हुए 13 उप निरीक्षक
आइटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हुए 13 उप निरीक्षक

मसूरी, देहरादून [जेएनएन]: आइटीबीपी अकादमी मसूरी में आयोजित दीक्षांत समारोह में 13 अधीनस्थ अधिकारी बतौर उप निरीक्षक आइटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हुए। आइटीबीपी अकादमी के निदेशक आइजी पीएस पापटा ने पासिंगआउट परेड की सलामी ली। वहीं सेनानी प्रशिक्षण वेणुधर नाइक ने पासआउट अधिकारियों को शपथ दिलाई। इस दौरान उत्तराखंड के मोरी निवासी सुमन पंवार को ओवरऑल बेस्ट ट्रेनी और आंतरिक प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की रहने वाली दीपिका देवी को बाह्य प्रशिक्षण गतिविधियों और सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज के रूप में सम्मानित किया गया।

शुक्रवार को आयोजित दीक्षांत एवं शपथ ग्रहण समारोह में 12 महिलाओं समेत एक पुरुष पासआउट हुए। उन्होंने एक साल तक युद्ध कौशल, शस्त्र संचालन, शारीरिक, मानचित्र अध्ययन, सैन्य प्रशासन, विधि और मानवाधिकार जैसे विषयों का प्रशिक्षण लिया।

अकादमी अधिकारियों और परिजनों ने पासआउट अधीनस्थ अधिकारियों के कंधों पर सितारे सजाए। उपनिरीक्षक दीपिका देवी ने परेड का नेतृत्व किया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद अकादमी निदेशक आइजी पीएस पापटा ने कहा कि आज आइटीबीपी की हर एक विंग में महिलाएं कार्यरत हैं और पुरुष कर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देशसेवा में जुटी हैं। उन्होंने बल के सामने आ रही चुनौतियों को भी रेखांकित किया। समारोह में अकादमी उपनिदेशक ब्रिगेडियर रामनिवास, सेनानी प्रशासन परमिंदर सिंह, डिप्टी कमांडेट हेमंत आदि उपस्थित रहे।

ये रही संख्या

उत्तर प्रदेश से सात, हरियाणा से एक, राजस्थान से एक, उत्तराखंड से एक, बिहार से एक, झारखंड से एक और छत्तीसगढ़ से एक अधीनस्थ अधिकारी पासआउट हुए।

माता-पिता ने किया प्रेरित: सुमन

सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु पुरस्कार से सम्मानित उत्तराखंड के मोरी (उत्तरकाशी) की मूल निवासी सुमन पंवार ने कहा कि यह प्रशिक्षकों की कड़ी मेहनत का नतीजा है कि आज हम इस काबिल बन पाए हैं कि देश की सेवा कर सके। कहा कि मुझे अपने माता-पिता पर गर्व है कि उन्होंने मुझे सुरक्षा बल में जाने को प्रेरित किया। सुमन पंवार के पिता इंडेन गैस सेवा मसूरी में प्रबंधक हैं और माता गृहिणी हैं।

किसान की बेटी का पूरा हुआ सपना

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के सीकरी राजा गांव की रहने वाली दीपिका देवी ने पासिंगआउट परेड का नेतृत्व किया। दीपिका के पिता किसान हैं और जब उन्होंने बेटी के कंधे पर सितारे सजाए तो भावुक हो गए। कहा कि उन्हें बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व है। दीपिका ने कहा कि वो बचपन से ही सैन्य सेवा में आना चाहती थीं और आज उनका सपना पूरा हुआ।

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