जागरण संवाददाता, देहरादून : छावनी परिषद क्लेमेनटाउन की विशेष बोर्ड बैठक में नक्शों पर जमकर घमासान हुआ। भाजपा सभासद एवं पूर्व उपाध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी ने पिछले एक साल से किसी भी आवासीय व व्यवसायिक मानचित्र को स्वीकृत न किए जाने पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकरीबन 350 मानचित्र जमा हैं, जो स्वीकृत नहीं हो पा रहे हैं। भाजपा सभासद मोहम्मद तासिन ने उनका साथ देते कहा कि जनता पिछले एक वर्ष से मानचित्र स्वीकृति के लिए कार्यालय के चक्कर काट रही है। नक्शे पास न होने से लोगों के बीच गलत संदेश जा रहा है। इस पर बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर सुभाष पनवर ने भी सभासदों की बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए ही मुख्य अधिशासी अधिकारी को पिछले वर्ष के मानचित्र इस बैठक में रखने को कहा है। मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिषेक राठौर ने 107 मानचित्र बोर्ड के समक्ष स्वीकृति के लिए रखे। उन्होंने कहा कि कुछ कांग्रेस सभासदों द्वारा उनके संज्ञान में लाया गया कि इनमें कई ने स्वीकृति बिना ही भवन निर्माण कर लिया है। काफी बहस के बाद सभी मानचित्रों को सशर्त मंजूरी दी गई। अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि मुख्य अधिशासी अधिकारी प्रत्येक स्वीकृत मानचित्र का छावनी परिषद के इंजीनियर के साथ जाकर स्थलीय निरीक्षण करेंगे। बिना स्वीकृति निर्माण पर अधिक से अधिक आर्थिक दंड लगा मानचित्र भू-धारक को प्रदान किया जाए। बोर्ड बैठक में 44 भवनों के म्यूटेशन संबंधी प्रकरण भी स्वीकृत किए गए। इसके अलावा छावनी विद्यालय, चिकित्सालय, साफ-सफाई व कर्मचारियों से संबंधित अनेक प्रस्ताव भी बैठक में पास किए गए। इस दौरान कर्नल एसके मौली, कर्नल मिहिर गुप्ता, कर्नल एके सिंह, कर्नल जीतेंद्र बिष्ट, उपाध्यक्ष सुनील कुमार, सभासद रामकिशन यादव, टेक बहादुर, शाहिना अख्तर आदि उपस्थित रहे।

ओसले लाइन में अवैध निर्माण पर होगी कार्रवाई

सभासद रामकिशन यादव ने अपने चार नंबर वार्ड के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र ओसले लाइन में 20 भवनों के अवैध निर्माण का मामला उठाया। जिस पर बोर्ड अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर ऐसे समस्त अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पेयजल लाइन बिछाने में लापरवाही

क्लेमेनटाउन कैंट के सिविल क्षेत्र में पेयजल लाइन बिछाने में भारी लापरवाही बरती जा रही है। सभासद भूपेंद्र कंडारी ने पेयजल निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कैंट बोर्ड के इस कार्य के लिए छावनी परिषद ने पेयजल निगम को करीब तीन करोड़ रुपये का भुगतान किया है, लेकिन पेयजल निगम द्वारा आधा-अधूरा कार्य किया जा रहा है। घरों तक पाइप लाइन नहीं बिछाई जा रही है। इसके अलावा पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क की दोबारा मरम्मत भी नहीं की जा रही है। जिस कारण लोगों में रोष पनप रहा है।

एक ही संस्था को बार-बार एक्सटेंशन का विरोध

बोर्ड उपाध्यक्ष सुनील कुमार ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए संचालित विद्यालय तरंग को बार-बार एक्सटेंशन देने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे वक्त से विद्यालय का संचालन एक ही संस्था कर रही है। दो वर्षो से उसे नियमविरुद्ध एक्सटेंशन दिया जा रहा है। उन्होंने इसके संचालन के लिए टेंडर कराने पर जोर दिया। जिस पर अध्यक्ष ने तीन माह का एक्सटेंशन देते हुए इस अवधि में टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

सिविल एरिया होगा नोटिफाई

कैंट बोर्ड की बैठक में सिविल एरिया नोटिफाई करने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सिविल एरिया नोटिफाइ होने से सेना और नागरिकों के बीच विवाद की संभावना कम हो जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार व विभिन्न एजेंसी से फंड मिलने में भी आसानी होगी। बताया गया कि इससे निर्वाचित बोर्ड की शक्तियों में भी इजाफा होगा। यह प्रस्ताव अब मध्य कमान के माध्यम रक्षा मंत्रालय को जाएगा।

योग पार्क खुलेगा

क्लेमेनटाउन कैंट क्षेत्र में अब सालभर योग की कक्षाएं चलेंगी। इसके लिए छावनी परिषद वाटिका में योग पार्क बनाया जाएगा। सभासद भूपेंद्र कंडारी ने इस बाबत प्रस्ताव बोर्ड में रखा। उन्होंने कहा कि योग केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बल्कि लोग नियमित योगाभ्यास करें। योग पार्क में कैंट बोर्ड एक योग प्रशिक्षक भी रखेगा।

कुत्तों से परेशान कैंटवासी

कैंट में आवारा कुत्तों की बढ़ती तादाद को देखते हुए छावनी परिषद ने अब इनके लिए बंध्याकरण की योजना बनाई है। इस काम में नगर निगम की मदद ली जाएगी। सोमवार की बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस दौरान सभासदों ने कहा कि कैंट क्षेत्र में भी कुत्ता पालने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होना चाहिए। कैंट क्षेत्र में लगातार कुत्तों की सुख्या बढ़ती जा रही है। जिससे जगह-जगह गंदगी भी फैल रही है। ऐसे में इस समस्या से निजात पाने के लिए कड़े नियम बनाए जाने चाहिए। हालांकि इस पर कोई निर्णय अभी नहीं हुआ है।

Posted By: Jagran

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