जागरण संवाददाता, ऋषिकेश :

सरकारी दावों की बाट जोहने के बजाय तीर्थनगरी के कुछ युवाओं ने कयाकिंग खेल को पहचान दिलाने के लिए खुद ही 'गंगा कयाक फेस्टिवल' रच डाला है। बीस फरवरी को गंगा में पहली बार होने वाले इस अनूठे आयोजन के लिए युवाओं के हौंसले बुलंद हैं।

सरकार पर्यटन के नाम पर बड़े-बड़े दावे तो करती है। मगर, हकीकत यह है कि गंगा में व्हाइट वाटर रीवर राफ्टिंग व अन्य गतिविधियों को पहचान दिलाने में युवाओं की भूमिका ही महत्वपूर्ण रही है। इस बार भी तीर्थनगरी के राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े भूपेंद्र सिंह राणा, हरेंद्र सिंह रावत, भुवन बिष्ट, विकास भंडारी, ट्रीना पैटरस आदि उत्साही युवाओं ने कयाकिंग फेस्टिवल का आयोजन किया है। बीस फरवरी को फूलचट्टी के निकट गंगा में पड़ने वाले गोल्फ कोर्स नामक रैपिड पर यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसे गंगा कयाक फेस्टिवल नाम दिया गया है। इसके लिए गंगा कयाक फेस्टिवल कमेटी का गठन किया है। फेस्टिवल में तीन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिसमें स्प्रिंट, बोटर क्रास और मास बोटर क्रास शामिल हैं। खास बात यह है कि स्प्रिंट व बोटर क्रास प्रतियोगिता केवल भारतीय खिलाड़ियों के लिए आयोजित की जाएगी। जबकि मास बोटर प्रतियोगिता में विदेशी खिलाड़ी भी शामिल होंगे। प्रतियोगिता में 18 साल से अधिक के खिलाड़ी भाग ले सकेंगे खिलाड़ी का तैराक होना भी जरुरी है। प्रतियोगिता में तीन मीटर से अधिक लंबी कयाक को शामिल नहीं किया जाएगा। प्रथम दो विजेताओं को नेपाल में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका मिलेगा।

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रोचक होंगी सभी प्रतियोगिताएं

ऋषिकेश: गंगा कयाक फेस्टिवल में शामिल की गई तीनों प्रतियोगिताएं रोचकता से भरपूर होंगी। स्प्रिंट प्रतियोगिता में एक-एक कर कयाक रवाना होगी। सबसे कम समय में दूरी और बाधाएं पार करने वाले कयाकरों का चयन किया जाएगा। स्प्रिंट में सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले 16 खिलाड़ियों का ही चयन बोटर क्रास प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा। इन 16 खिलाड़ियों के चार ग्रुप तैयार किए जाएंगे। बोटर क्रास प्रतियोगिता प्रत्येक चरण में चार में से दो खिलाड़ी चुने जाएंगे। जिनके बीच पहले सेमीफाइनल व फिर फाइनल मुकाबला होगा। वहीं मास बोटर क्रास प्रतियोगिता सभी के लिए खुली प्रतियोगिता होगी। सबसे पहले अंतिम पड़ाव तक पहुंचने वाले तीन खिलाड़ियों को प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान दिया जाएगा।

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कयाकिंग एक अंतर्राष्ट्रीय खेल बन गया है जो ओलंपिक खेलों में भी शामिल है। प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जाने का मौका मिले और आने वाली पीढ़ी में इस खेल के प्रति रुझान बढ़े, इसे देखते हुए गंगा कयाक फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। गंगा में पहली बार किए जा रहे इस आयोजन को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।

भूपेंद्र सिंह राणा, अध्यक्ष गंगा कयाक फेस्टिवल कमेटी

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