संवाद सहयोगी, लोहाघाट : बाराकोट ब्लाक के ग्राम सभा पम्दा के तोक मयो आमथें और बसौरा के आठ परिवारों में बीते चार माह से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण पानी के प्राकृतिक स्त्रोत सूख गए है। ग्रामीणों के साथ मवेशियों के लिए पीने के पानी का प्रबंध करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों ने खाली बर्तन के साथ प्रदर्शन किया।

मंगलवार को मंदिर परिसर में एकत्रित हुए ग्रामीणों ने कहा कि लगभग 6 किलोमीटर दूर पुनई के गधेरे के तालाब से पीने का पानी एवं कपड़े धोने को मजबूर होना पड़ रहा हैं। एक हथिया बाबा के देव डागर ईश्वरीय दत्त जोशी का कहना है कि मंदिर में पूजा करते वक्त आचमन करने के लिए भी पानी नहीं है। सभी ग्रामीण पम्दा गाव से पानी लाकर पूजा करने के लिए मजबूर हैं। क्षेत्र में जल संस्थान की तरफ से सप्ताह में दो दिन पानी का टैंकर भेजा जा रहा है, लेकिन उसका समय निर्धारित न होने के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सास्कृतिक मंच के नागेंद्र जोशी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने खाली बर्तनों के साथ जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया कर पेयजल व्यवस्था सुचारू करने की मांग की। इस दौरान मनोहर जोशी, महेश चंद्र जोशी, प्रकाश चंद्र जोशी, देवकी देवी, भागीरथी देवी, परमानंद जोशी, कलावती देवी, खीमा देवी, हरली देवी, नकुल जोशी, गरिमा जोशी मौजूद रहे। मामले को लेकर बाराकोट जल संस्थान के सहायक अभियंता से संपर्क करना चाहा, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

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