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उत्तराखंड में यूको बैंक के खाते में जमा हो रही थी साइबर ठगी की रकम, तेलंगाना सहित कई राज्यों से हुआ लाखों का ट्रांजेक्शन

Published: Sun, 11 Oct 2026 03:08 PM (GMT+05:30)

टनकपुर में एक यूको बैंक खाते का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की रकम जमा करने के लिए किया जा रहा था।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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जागरण संवाददाता, चंपावत। टनकपुर क्षेत्र में साइबर अपराध से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय यूको बैंक के एक खाते का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों के नागरिकों से ठगी गई रकम को जमा करने के लिए किया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित खाताधारक के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है।

कोतवाली टनकपुर में तैनात उप-निरीक्षक जितेंद्र सिंह बिष्ट को साइबर सेल चंपावत और समन्वय पोर्टल से प्राप्त राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआपी) की चार शिकायतों की जांच सौंपी गई थी।

भारी रिटर्न का लालच

जांच के दौरान पाया गया कि विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों से ऐंठी गई धनराशि को प्राप्त करने के लिए यूको बैंक टनकपुर शाखा के खाता संख्या 24490110040126 का बार-बार इस्तेमाल किया गया है। ठगों ने इंटरनेट मीडिया, फोन काल और आनलाइन ऐप्स के जरिए लोगों को शेयर मार्केट में मुनाफे, नौकरी और निवेश पर भारी रिटर्न का लालच देकर इस खाते में पैसे ट्रांसफर करवाए थे।

पुलिस ने बैंक शाखा प्रबंधक से प्राप्त केवाईसी और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के बाद खाताधारक की पहचान ज्ञानखेड़ा, टनकपुर निवासी दीपक सक्सेना पुत्र पूरन सक्सेना के रूप में की है। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह बैंक खाता किसी वैध वित्तीय लेनदेन के लिए नहीं, बल्कि साइबर अपराध से अर्जित अवैध कमाई को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से ही संचालित किया जा रहा था।

टनकपुर के कोतवाल चेतन सिंह रावत ने बताया कि तेलंगाना, गुजरात, गुवाहाटी, जम्मू कश्मीर से इस खाते में एक-एक बार ट्रांजेक्शन हुआ है, जिसमें पहली जांच में करीब साढे तीन लाख रुपया जमा हुआ है। अभी जांच जारी है। विवेचना उप-निरीक्षक कुशल सिंह को सौंपी गई है। कोतवाल ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में बैंक अधिकारियों या कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है, ताकि अंतरराज्यीय साइबर गिरोह को बेनकाब किया जा सके।