संवाद सहयोगी, चम्पावत : पहाड़ की लाइफ लाइन कहे जाने वाले टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग गुरुवार को तीसरे दिन भी बंद रहा। एनएच बंद होने से धौंन, स्वाला व आसपास के लोगों को रोजमर्रा की चीजों के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग बंद होने से यात्रियों को वाया देवीधुरा से भेजा जा रहा है। धौंन में मार्ग न खुलने के कारण गुरुवार को डीएम स्वयं कई घंटो तक मौके पर डटे रहे और अधिकारियों को निर्देश देते रहे। उसके बावजूद भी शाम तक मार्ग नहीं खुल सका। मार्ग बंद होने से व्यापार पर भी खासा असर पड़ रहा है। मार्ग बंद होने से बाजार की रौनक खत्म हो गई है।

धौन के पास करीब सौ मीटर क्षेत्र में मलबा आने से एनएच 72 घंटे से बंद है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। पांच अगस्त को सुबह पांच बजे से मलबा थोड़ा-थोड़ा कर गिरना शुरू हो गया था। छह बजे तक मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। कार्यदायी शिवालया कंपनी ने जैसे ही मलबा हटाना शुरू किया तो सात बजे से मलबा गिरने का सिलसिला फिर शुरू हो गया। और 11 बजे तक लगातार भारी मात्रा में मलबा गिर गया। मार्ग एक बार फिर बंद हो गया। कंपनी जैसे ही मलबा हटाने जाती मलबा फिर गिरने लगता। काफी इंतजार के बाद कंपनी करीब 12 बजे के बाद मलबा हटाना शुरू कर सकी। शाम करीब छह बजे कंपनी ने मलबा हटाकर मार्ग खोला। मार्ग में फंसे वाहनों को बाहर निकाला, लेकिन रात्रि नौ बजे के बाद मलबा आने से मार्ग एक बार फिर बंद हो गया। जो गुरुवार शाम तक नहीं खुल सका। मंगलवार शाम को कंपनी व आपदा प्रबंधन की टीम ने फायरब्रिगेड की मदद से पहाड़ी पर लटके बोल्डर को गिराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार से कंपनी रैंप बनाकर पहड़ी पर चढ़कर लटके बोल्डर को गिराने का प्रयास कर रही है। गुरुवार को डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को निरंतर निर्देश देते रहे, मगर देर सायं तक मार्ग नहीं खुल सका। मार्ग खुलवाने के लिए एसडीएम अनिल गब्र्याल, सीओ ध्यान सिंह, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडे, एनएच ईई एलडी मथेला समेत अन्य अधिकारी की टीम धौंन पर डटी हुई है। ========== रक्षाबंधन का पर्व भी पड़ने लगा फीका

एनएच बंद होने से 15 अगस्त को होने वाला रक्षाबंधन पर्व का बाजार भी फीका पड़ने लगा है कारण कि बाजार का सामान इसी मार्ग से आता है। लोग भी खरीदारी करने चम्पावत आते हैं। बाजार में न तो लोग आ पा रहे हैं और न ही राखी का सामान। जिस कारण दुकानदार राखी का बाजार सजा पा रहे हैं। ======= परिवहन निगम को लग रही लाखों की चपत

तीन दिन से एनएच बंद होने से परिवहन निगम की सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई है। देवीधुरा मार्ग पर बड़ी बॉडी की बसें नहीं जा सकती है। इसलिए लोहाघाट डिपो से छोटी बॉडी की चार बसों का ही संचालन हो पा रहा है। अन्य बसें डिपो में ही खड़ी है। जिस कारण यात्रियों को तो परेशानी हो ही रही है साथ ही निगम को भी प्रतिदिन लाखों रुपये की चपत लग रही है। ======= सौ से अधिक बच्चे नहीं जा पा रहे स्कूल

धौंन जीआइसी में करीब सौ से अधिक बच्चे बनलेख, मुड़ियानी आदि क्षेत्रों से आते हैं, लेकिन स्कूल से दौ सौ मीटर पहले ही एनएच बंद हो जाने से बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ========= दूध कारोबार को भी नुकसान

एनएच बंद होने का असर दुग्ध कारोबार पर भी पड़ रहा है। गांवों से निकलने वाले दूध को ग्रामीण दुग्ध संघ तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। वहीं दूध न मिलने से दुग्ध संघ के साथ ग्रामीणों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ========= भाजपा कार्यालय की दीवार ढही

दो दिन पूर्व हुई बारिश से छतार पुल के पास नदी किनारे भाजपा कार्यालय की चहारदीवारी भरभराकर गिर पड़ी। गनीमत रही कि उस समय वहां पर कोई मजदूर काम नहीं कर रहा था। जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। ========= एनएच खोलने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। आवश्यक सेवाओं को देवीधुरा मार्ग से डायवर्ट किया गया है। धौंन के पास मलबा अधिक है। मलबा हटाने में लगातार बोल्डर आ रहे हैं। जिस कारण कर्मचारियों को कार्य करने में दिक्कत हो रही है। एनएच व कार्यदायी कंपनी को सावधानी पूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। रोड भले देरी से खुले, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि नहीं होनी चाहिए।

- सुरेंद्र नारायण पांडे, जिलाधिकारी, चम्पावत

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