चंपावत, [जेएनएन]: नाबालिग लड़की की शादी कराए जाने को लेकर पुलिस के पास आए एक फोन कॉल ने मझेड़ा गांव की छह लड़कियों की शादी रोक डाली। एक माह के भीतर होने जा रही इन शादियों में हाईस्कूल प्रमाण पत्र के हिसाब से सभी नाबालिग निकली। इनमें से तीन शादी तो पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद रद हुई, जबकि तीन अन्य को  ग्राम प्रधान व परिजनों ने ही रुकवा दिया है। 

चंपावत पुलिस की निर्भया सेल के पास रविवार सुबह दिल्ली से एक गुमनाम फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि मझेड़ा गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी की जा रही है। इस पर हरकत में आई कोतवाली पुलिस जांच करने सोमवार को गांव पहुंची तो पता चला कि गांव में 17, 19 व 21 अप्रैल को तीन शादियां होनी हैं।

17 अप्रैल वाली शादी में सोमवार को महिला संगीत होना था। सभी रिश्ते-नातेदार भी पहुंच चुके थे। बरात बनबसा से आनी थी। पुलिस ने जब प्रमाण पत्र खंगाले तो आधार कार्ड के अनुसार लड़की बालिग निकली, लेकिन हाईस्कूल सार्टिफिकेट के हिसाब से नाबालिग। सोमवार को परिवार रजिस्टर चेक किया गया तो उसमें भी उम्र 18 साल से कम पाई गई। 19 अप्रैल को होने वाली शादी में लड़की दो माह बाद बालिग होगी, जबकि 21 अप्रैल को होने वाली शादी में लड़की एक साल बाद बालिग होगी। 

इसके बाद कोतवाल सलाहउद्दीन ने सभी अभिभावकों के लिखित आश्वासन लिया कि बालिग होने पर ही लड़कियों की शादी की जाएगी। चंपावत के एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि ग्रामीणों को नाबालिगों की शादी को लेकर चेताया भी गया है। 

यह भी पढ़ें: नाबालिग की करार्इ शादी, माता-पिता समेत चार पर केस दर्ज

यह भी पढ़े: पहाड़ में घट रही बेटियों की संख्या बनी चिंता का सबब

यह भी पढ़ें: देवभूमि में देवी का स्वरूप बेटियों पर संकट, घट रही संख्या

By Sunil Negi