संवाद सहयोगी, लोहाघाट : सुई लिफ्ट योजना से ग्रामीणों को महज 30 से 40 मिनट तक पानी मिल रहा है। इससे लोगों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने कम से कम एक घंटे तक आपूर्ति किए जाने की मांग की है।

सुई लिफ्ट योजना से पिछले एक साल से सुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत पऊ, चनकांडे, डुंगरी, छमनियां आदि क्षेत्रों में हर तीसरे दिन पेयजलापूर्ति हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि एक पखवाड़े से महज आधा घंटा ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण अनिल तलनियां, कुलदीप ओली, चंद्रशेखर, विवेक कुमार, हरीश चंद्र आदि ने बताया कि पानी की कमी से क्षेत्र में पेयजल का संकट पैदा हो गया है। क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोत और हैंडपंप न होने से मवेशियों को भी प्यासा रहना पड़ रहा है। उन्होंने कम से कम एक घंटा पेयजलापूर्ति करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि कई बार जल संस्थान के अधिकारियों से पानी कम आने की शिकायत की गई है लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पानी कम मिलने से गलचौड़ा बाजार में भी दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदार एक किमी दूर नौले से पानी भर रहे हैं। जल संस्थान के अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि लाइन मैन को एक घंटे पानी की सप्लाई करने के कहा गया है। ======== दूषित पानी पी रहे हैं सुई के लोग

चम्पावत : सुई लिफ्ट योजना के आस-पास रह रहे लोगों द्वारा सीवर का पानी नदी में छोड़े जाने से सा्रेत का पानी दूषित हो गया है। सा्रेत की मुख्य नदी पटन गाड़ के किनारे कूड़ा फेंकने का सिलसिला भी अभी बंद नहीं हुआ है। छह माह पूर्व सुई के लोगों ने जल संस्थान के अधिकारियों से सीवर का पानी स्रोत में बहाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने शीघ्र पानी गंदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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