जागरण संवाददाता, चम्पावत : पुल से एक किमी के दायरे के बाहर खनन करने के आदेश को खारिज कर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सौ मीटर के दायरे के बाहर खनन करने के आदेश को प्रदेश सरकार ने लागू कर दिया। इस बावत अपर सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा इस आदेश को पुन: लागू किए जाने से खनन कारोबारियों में खासा हर्ष है। दैनिक जागरण अपने पूर्व के अंक में इस आदेश को प्रकाशित कर चुका था लेकिन 17 अक्टूबर को शासन ने आदेश जारी करते हुए इस पर मुहर लगा दी।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2016 में अरविंद कुमार नामक व्यक्ति ने सरकार की ओर से पुलों के 100 मीटर के दायरे में दी जा रही खनन कार्य की अनुमति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के निर्णय को निरस्त कर पुलों के 100 मीटर अप और डाउन स्ट्रीम की परिधि को बढ़ाकर एक किमी के बाहर खनन कार्य कराने के आदेश दिए थे। जिस पर खनन विभाग ने पुल से एक किमी के दायरे में दिए गए पट्टों को निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले को किच्छा निवासी आशीष सहगल ने चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। तीन जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए पुलों के 100 मीटर के दायरे के बाहर से खनन कार्य करने का फैसला सुना दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब पुलों के 100 मीटर के दायरे को छोड़कर खनन कार्य किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने समस्त जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है।

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