संवाद सहयोगी, चम्पावत : मानेश्वर शिव शक्तिपीठ में एकादशी के रोज होने वाली खड़ी होली से जनपद में रंगों की इंद्रधनुषी छटा का आगाज होता है। आमलकी एकादशी इस शक्तिपीठ की वर्षगांठ के रूप में मनाई जाती है। रविवार को चीर बंधन के साथ खड़ी होली का आगाज हो गया। अर्जुन के गांडीव धनुष से उत्पन्न यह धाम अपनी चमत्कारिक मान्यताओं के लिए सदियों से आस्था और श्रद्धा का केंद्र बना है। एकादशी पर आयोजित मेले में जनपद के लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।

स्कंद पुराण के मानस खंड में मानेश्वर शिव शक्तिपीठ का उल्लेख है। कुर्माचल के मध्य में मानसेय पर्वत है और इस शिखर पर मानेश्वर शिव धाम है। जो भोगप्रद व मोक्ष दायक है। यहां से मानसरोवर की सीमा शुरु होती है। यह प्रमुख शिव शक्ति स्थलों में से एक है। जब पांडव पुत्र माता कुंती के साथ अज्ञातवास में थे तो इस बीच आमलकी एकादशी (जो पांडु की श्राद्ध तिथि थी) आ गई। माता कुंती का प्रण था कि वह श्राद्ध मानसरोवर के ही जल से करेगी। उन्होंने यह बात युधिष्ठिर को बताई तो युधिष्ठिर ने अर्जुन से माता के प्रण को पूरा करने को कहा। तब अर्जुन ने गांडीव धनुष से बाण मार कर यहां जल धारा पैदा की। इस जल से पांडु का श्राद्ध करने के बाद उन्होंने भगवान शिव का आभार प्रकट करने के लिए शिवलिंग की स्थापना कर उसका पूजन किया। जिस स्थान पर जलधारा निकली उसे गुप्त नौली कहा गया। स्नान करने पर पुण्य लाभ के साथ ही कई रोग व विकार दूर होते हैं और शिवलिंग की पूजा से मनवांछित फल मिलता है। निसंतान दंपतियों की झोली इस दरबार में भर जाती है। पांडु पुत्रों द्वारा शिवलिंग की स्थापना के बाद आमलिका एकादशी को इस शक्तिपीठ की वर्षगांठ के रुप में मनाया जाता है। इस रोज यहां जनपद भर के लोग आकर विशेष पूजा अर्चना करते हैं। एकादशी पर पूजा अर्चना के बाद खड़ी होली का भव्य आगाज हुआ। गुलाल अबीर के रंगों में रंगे लोग इंद्रधनुषी छठा बिखेरते नजर आए।

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वेदांती व भक्तिमय होली की धूम

चम्पावत-लोहाघाट के मध्य स्थापित इस धाम में खड़ी होली के गायन के साथ इंद्रधनुषी छटा बिखर जाती है। विभिन्न ग्रामीण अंचलों से आए लोगों ने वेदांती और भक्तिमय होलियों का गायन कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

====== मेले में सैकड़ों लोगों ने की शिरकत

वर्षगांठ के मौके पर यहां मेले का आयोजन किया। जिसमें जनपद के साथ ही अन्य क्षेत्रों के लोगों ने शिरकत की। मंदिर में शीश नवाने और होली कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद लोगों ने सामान की भी जमकर खरीदारी की। क्षेत्र के व्यापारियों ने यहां दुकानें लगाई है।

Posted By: Jagran

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