जागरण संवाददाता, चम्पावत : जनपद में लगातार हो रही बारिश से आए दिन ग्रामीण सड़कें बंद हो रही है मगर प्रशासन उन मार्गो को खोलने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा हैं। जो लोगों के जीवन पर काफी भरी पड़ रही है। धौंन सल्ली मार्ग में भी कुछ यही देखने को मिला। जहां चार दिन से मार्ग बंद होने से एक घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए दस किमी पैदल कंधे पर लादकर ग्रामीणों ने मलबा बार कर उसे अस्पताल पहुंचाया। जिसको लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति खासा आक्रोश है।

गौरतलब है कि बीते कई दिनों से क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते 31 अगस्त से धौंन सल्ली, मंच-नीड़, खटोली मल्ली, डुंगराबोरा कायल मटियानी, रौसाल डुंगराबोरा चक्सिलकोट एक अगस्त से तथा चम्पावत खर्ककार्की मुड़ियानी व खेतीखान बुंगा बिरौल मार्ग रविवार को मलबा आने से बंद हो गई है। जिससे ग्रामीणों का आना जाना बंद हो गया। लेकिन प्रशासन इन मार्गो को खोलने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है। जिस कारण ग्रामीण काफी परेशान हो रहे हैं। धौंन सल्ली मार्ग बंद होने से तो ग्रामीण काफी परेशान हैं। कारण कि ग्राम सभा सल्ली में बीती शनिवार को एक व्यक्ति कार्य करने के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसका पैर कट चुका था। खून बहना बंद नहीं हो रहा था। उसे ग्रामीण अस्पताल ले जाना चाह रहे थे लेकिन मार्ग बंद होने से ग्रामीणों परेशान हो उठे। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी आवाजाही करने में काफी दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई को सूचना देकर मार्ग खोलने को कहा। मगर विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व स्थानीय निवासी कमल रावत ने बताया कि घायल व्यक्ति को ले जाने के लिए आपदा कंट्रोल रूम चंपावत व पीएमजीएसवाई में फोन पर सूचना दी मगर पांच घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा मशीन नहीं भेजी गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं घायल व्यक्ति को चार घटे पैदल सफर कर 10 किलोमीटर कंधे पर लादकर मार्ग में पड़े मलबे को जैसे तैसे पार कर उसे अस्पताल पहुंचाया। विभागीय अधिकारियों की इस नजर अंदाजी से ग्रामीणों में काफी रोष हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर युवक को कुछ हुआ या फिर मार्ग जल्द नहीं खोली तो वह प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

Posted By: Jagran

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