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भारत-नेपाल सीमा पर बनेगा आधुनिक लैंड पोर्ट, पीएम नरेन्द्र मोदी करेंगे शिलान्यास

Published: Sat, 28 Mar 2026 07:23 PM (IST)

चंपावत के बनबसा में भारत-नेपाल सीमा पर एक आधुनिक लैंड पोर्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत-नेपाल सीमा पर प्रस्तावित आधुनिक लैंड पोर्ट का शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत-नेपाल सीमा पर प्रस्तावित आधुनिक लैंड पोर्ट का शिलान्यास करेंगे।

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जागरण संवाददाता, चंपावत। बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर प्रस्तावित आधुनिक लैंड पोर्ट का शिलान्यास भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह करेंगे।

इस कार्य के लिए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि शिलान्यास की तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

लैंड पोर्ट के विकास के लिए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रयास सफल हो रहे हैं। लैंड पोर्ट्स अथारिटी आफ इंडिया और उत्तराखंड सरकार के सहयोग से बन रहे इस लैंड पोर्ट के लिए महाराज काफी समय से प्रयासरत रहे हैं।

उन्होंने चंपावत के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा (महेंद्र नगर) पर इस लैंड पोर्ट के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह का आभार व्यक्त करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक लैंड पोर्ट भारत-नेपाल के बीच संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ मैत्री का एक नया सेतु बनेगा।

लैंड पोर्ट के निर्माण में जो भी बाधाएं हैं, उन्हें तेजी से दूर किया जा रहा है, ताकि परियोजना पर तेजी से कार्य हो सके। परियोजना के पहले चरण के लिए लगभग 500 करोड़ की धनराशि, पर्यावरण मंजूरी, 84 एकड़ वन भूमि का हस्तांतरण और अन्य औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।

ये लाभ होंगे

कैबिनेट मंत्री महाराज ने बताया कि इस लैंड पोर्ट के निर्माण से एक ही परिसर में कस्टम, इमिग्रेशन, सुरक्षा, कार्गो टर्मिनल, यात्री टर्मिनल और स्वास्थ्य इकाई होंगी।

इससे सीमा पर व्यापार और यात्री आवागमन के लिए एकीकृत, तेज़ और सुरक्षित प्रणाली विकसित होगी।

इसके निर्माण से किसानों और छोटे उत्पादकों को नेपाली बाजारों तक सीधी पहुंच, ट्रांसपोर्ट लागत में कमी और उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने में सहायता मिलेगी।

लैंड पोर्ट बनने के बाद स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे भारत-नेपाल व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

यह पोर्ट सीमावर्ती क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बदलने और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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