संवाद सहयोगी, लोहाघाट : कैबिनेट में नजूल भूमि फ्री होल्ड करने का फैसला लेने के बाद लंबे समय से जमीन फ्री होल्ड को लड़ाई लड़ रहे लोगों में जमीन के मालिक बनने की आस तो जगी है लेकिन लोहाघाट के वाशिंदों में अभी भी संशय बना हुआ है।

छह साल पूर्व सरकार ने नगर वासियों से जमीन फ्री होल्ड करने के लिए 25 प्रतिशत धनराशि भी जमा करा ली गई थी। इस दौरान नगर की 3320 नाली नजूल भूमि को फ्री होल्ड करने के लिए नगर के 1499 लोगों ने 25 प्रतिशत धनराशि जमा की थी। जो आज भी राजकोष में तीन करोड़ 75 लाख 36 हजार, पांच सौ चार रुपये है। इतना कुछ करने के बाद छह साल से लोगों को बस इंतजार था तो मालिकाना हक मिलने का। जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। लेकिन बुधवार को सरकार ने नया पैंतरा अपना कर नए सर्किल रेट के आधार पर धनराशि भरने सहित 300 वर्ग मीटर से अधिक जमीन में मालिकाना हक देने के फैसले से लोग अभी से संशय में जीने लगे है।

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क्या सरकार फिर से धनराशि लेने की बैठा रही है जुगाड़

वर्ष 2012 मार्च माह में शासन स्तर से शासनादेश के बाद लोहाघाट के लोगों ने वर्ष 2000 के सर्किल रेट के आधार पर 25 प्रतिशत धनराशि जमा कर दी थी। लेकिन सरकार का नया फैसला भी लोगों को रास नहीं आ रहा है। लोगों का कहना है कि फ्री होल्ड की पूरी कार्यवाई छह साल पूर्व होने के बाद भी अब वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर नजूल भूमि फ्री होल्ड करने के लिए सरकार फिर से धनराशि लेने का जुगाड़ बना रही है।

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सरकारों की अनदेखी लोगों के जेब पर पडे़गी भारी

छह सालों में शासन प्रशासन सर्वे कर लोगों से अन्य 75 प्रतिशत धनराशि जमा कर मालिकाना हक भी दिला सकता था लेकिन सरकार को क्या करना है। हर लोस व विस चुनाव में यह चर्चा जोरों पर रहती है। चुनाव संपन्न होने के बाद सब शांत मुद्रा में आ जाते है। वर्षो से नगर पंचायत चुनाव में भी यही मुद्दा उठता रहा है। जिसके बाद भी कभी सरकार नींद से जाग जाती है तो केवल फैसले सुनाती है। बाकी तो सब फाइलों में घूमते रहता है।

वर्जन..

इस संबंध में अभी तक उनके पास कोई सूचना शासन स्तर से नहीं पहुंची है। जब कोई सूचना मिलती है। उस पर कार्यवाई की जाएगी। = आरसी गौतम, उपजिलाधिकारी लोहाघाट

टनकपुर में 365 प्लाट व सात बगीचे नजूल भूमि पर बसे

टनकपुर : केबिनेट में नजूल की भूमि को फ्री होल्ड कराने के फैसले के बाद एक बार फिर लोगों की सरकार से उम्मीदें बढ़ गई है। नजूल भूमि पर बसें लोगों को भी मालिकाना हक मिल सकेगा। बात टनकपुर क्षेत्र की करें तो वर्तमान में 365 प्लाट व सात बगीजे नजूल भूमि पर बसे हैं। जमीन को फ्री होल्ड कराने के लिए स्थानीय व्यापारी राकेश अग्रवाल ने इस बावत समिति भी बनाई थी। इस बावत कई बार मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद ज्ञापन भी दिया गया लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। अब जब सरकार ने इसे कैबिनेट में पास कर दिया तो एक बार फिर इसकी उम्मीद जगी है।

Posted By: Jagran