चम्पावत, जेएनएन : संपूर्ण स्वच्छता अभियान के बाद चम्पावत जिले में शौचालय बनाने से छूट गए पात्र परिवारों को फिर से शौचालय मिलेगा। ऐसे परिवारों की आनलाइन एंट्री भारत सरकार की वेबसाइट में होगी। स्वजल परियोजना ने आनलाइन एंट्री के लिए आवेदन मांगे हैं।

ओडीएफ घोषित होने के बाद भी चम्पावत जिले के कई गांवों में आज भी शौचालय नहीं हैं। वर्ष 2014 में स्वजल परियोजना ने ग्राम पंचायतों के माध्यम से जो शौचालय बनवाए उनमें घाल-मेल होने की शिकायतें मिली थीं। लक्ष्य के अनुरूप शौचालय न बनने का एक कारण शौचालय बनने के बाद की गई भुगतान की प्रक्रिया को माना गया। कहा जा रहा है कि एडवास में भुगतान न होने से गावों में गरीब तबके के कुछ लोग पैसे की तंगी के कारण शौचालय नहीं बनवा पाए और कुछ ने बिना शौचालय बने ही पैसा डकार लिया। आश्चर्य की बात यह है कि खुले में शौच मुक्त किए गए जिले के कई गावों के लोग आज भी शौचालय बनाने की माग कर रहे हैं। जिले के ओडीएफ घोषित करने के बाद स्वजल कार्यालय में शौचालय के लिए सैकड़ों आवेदन डंप पड़े हैं। इधर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत अब 31 अक्टूबर 2020 तक बढ़े हुए शौचालय विहीन परिवारों को शौचालय दिए जाने के लिए उनका डाटा भारत सरकार की वेबसाइट में अपलोड किया जा रहा है। स्वजल के परियोजना प्रबंधक बिलाल यूनुस ने बताया कि आनलाइन एंट्री के लिए पात्र परिवार के मुखिया का आधार कार्ड की छाया प्रति ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी से अग्रसारित करा कर 25 अक्टूबर तक स्वजल कार्यालय में जमा करवानी है। बताया कि उन्हीं परिवारों की एंट्री की जाएगी जिन्हें शौचालय निर्माण के लिए पूर्व में किसी भी मद से पैसा नहीं मिला है। उन परिवारों का नाम वेबसाइट में शौचालययुक्त परिवारों में नहीं होना चाहिए। ======== भारत सरकार के बेबसाइट में नए परिवारों की ही आनलाइन एंट्री की जाएगी। शौचालय के नाम पर पूर्व में किसी भी मद से पैसा ले चुके लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। नए परिवारों के मुखिया से आनलाइन एंट्री के लिए 25 अक्टूबर तक आधार कार्ड जमा करने को कहा गया है।

-यूनुस बिलाल, परियोजना प्रबंधक स्वजल, चम्पावत

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