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चंपावत के देवीधार में 1.49 किलो चरस के साथ दो युवक गिरफ्तार, खरीददार और नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

Published: Tue, 04 Aug 2026 07:49 PM (IST)

चंपावत जिले के देवीधार-पंचेश्वर रोड पर चेकिंग के दौरान 1.490 किलोग्राम चरस के साथ आयुष चंद्र आर्य और सौरव टम्टा नामक दो युवकों को गिरफ्तार किया गया।

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HighLights

  1. देवीधार में 1.49 किलो चरस के साथ दो युवक गिरफ्तार।

  2. आरोपित आयुष चंद्र आर्य और सौरव टम्टा को पकड़ा गया।

  3. चरस स्थानीय स्तर पर बनी, चंपावत में बेचने की योजना।

जागरण संवाददाता, चंपावत। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोहाघाट के देवीधार-पंचेश्वर रोड पर चेकिंग के दौरान 1.490 किलोग्राम चरस के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने चरस स्थानीय स्तर पर तैयार होने और उसे चंपावत में बेचने के लिए ले जाने की बात स्वीकार की है। इसके बाद पुलिस अब इस खेप के स्रोत और इससे जुड़े लोगों की तलाश में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार, एसओजी और लोहाघाट पुलिस की संयुक्त टीम ने देवीधार-पंचेश्वर रोड पर एक पल्सर मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली।

तलाशी के दौरान बाइक सवार दो युवकों के कब्जे से 1.490 किलोग्राम अवैध चरस बरामद हुई। दोनों के खिलाफ थाना लोहाघाट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

मंगलवार को पुलिस कार्यालय में एसपी रेखा यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान छतार निवासी आयुष चंद्र आर्य (22) और पंचेश्वर थाना क्षेत्र के नसखोला निवासी सौरव टम्टा (20) के रूप में हुई है।

पूछताछ में दोनों ने बताया कि चरस स्थानीय स्तर पर तैयार की गई थी और उसे चंपावत में एक व्यक्ति को ऊंचे दामों पर बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस अब खरीददार के साथ-साथ चरस तैयार करने और इसकी सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

हाल वर्षों में जिले में चरस, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की लगातार बरामदगी हो रही है। इसके बावजूद नशे का नेटवर्क पूरी तरह टूटता नजर नहीं आ रहा। इस ताजा मामले ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

यदि आरोपितों के दावे सही हैं तो जिले में कहीं न कहीं चरस तैयार करने और उसकी सप्लाई का संगठित तंत्र सक्रिय है। अब जांच से यह स्पष्ट होगा कि यह केवल दो युवकों का मामला है या इसके पीछे बड़ा गिरोह काम कर रहा है।

उठ रहे हैं ये सवाल

  • जिले में चरस आखिर कहां तैयार हो रही है?
  • इसके निर्माण और सप्लाई में कौन लोग शामिल हैं?
  • खरीददार कौन है और उससे पहले भी कितनी खेप पहुंच चुकी है?
  • लगातार बरामदगी के बावजूद नेटवर्क क्यों नहीं टूट पा रहा?