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चंपावत के सल्‍ली में 10वीं की छात्रा संग दुष्कर्म का मामला न‍िकला झूठा, पूर्व मंडल अध्यक्ष ने रचा था षड्यंत्र

Published: Thu, 07 May 2026 08:47 PM (IST)

चंपावत के सल्ली में 10वीं की छात्रा से दुष्कर्म का मामला एक साजिश निकला। कमल रावत ने पुरानी रंजिश के ...और पढ़ें

पुलिस लाइन सभागार में घटना से पर्दाफाश करती एसपी रेखा यादव व डीएम मनीष कुमार।- जागरण

पुलिस लाइन सभागार में घटना से पर्दाफाश करती एसपी रेखा यादव व डीएम मनीष कुमार।- जागरण


HighLights

  1. सल्ली में छात्रा से दुष्कर्म का मामला निकला षड्यंत्र।

  2. कमल रावत ने पुरानी रंजिश में रचा था यह जाल।

  3. पीड़िता को पिता के इलाज का लालच देकर फंसाया।

जागरण संवाददाता, चंपावत। सल्ली में 10वीं की छात्रा संग दुष्कर्म का मामला, षणयंत्र निकला। डीएम की अध्यक्षता में पर्दाफाश करते हुए एसपी रेखा यादव ने कहा कि कमल रावत ने पुरानी रंजिश के चलते अपनी महिला मित्र सहित अन्य साथियों संग षणयंत्र रचा और पीड़िता को उसके पिता का उपचार का प्रलोभन देकर इस घटना को अंजाम दिया। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ चल रही है।

एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बुधवार को पुलिस को तहरीर देकर अपनी 16 वर्षीय पुत्री पर तीन आरोपितों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था।प्राप्त तहरीर के आधार पर कोतवाली में पोक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी चंपावत के पर्यवेक्षण में 10 सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन कर विवेचना करने के निर्देश दिए। साथ ही एसपी ने स्वयं पीड़िता से बातचीत कर घटनास्थल पर जाकर स्थानीय लोगों से वार्ता कर घटना की जानकारी ली। गुरूवार की शाम पुलिस लाइन के सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में घटना से पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्यों को संरक्षित किया गया।

आरएफएसएल ऊधम सिंह नगर की फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल का परीक्षण कराया गया। पीड़िता का तत्काल मेडिकल परीक्षण, सीडब्ल्यूसी के समक्ष काउंसिलिंग एवं न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज कराए। साथ ही देखरेख एवं सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी से पत्राचार कर एक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। बताया कि विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पीड़िता ग्राम सल्ली में विवाह समारोह में अपनी इच्छा से अपने दोस्त के साथ गई थी।

घटना दिवस पर पीड़िता का विभिन्न स्थानों पर आवागमन एवं गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज व सीडीआर से सत्यापित हुई हैं।साथ ही चिकित्सीय परीक्षण में किसी प्रकार की बाह्य अथवा आंतरिक बोट, संघर्ष अथवा जबरदस्ती के स्पष्ट चिकित्सीय संकेत प्राप्त नहीं हुए। बताया कि कमल ने अपनी महिला मित्र संग हाईकोर्ट से छूटने के बाद ही षणयंत्र रचना शुरू कर दिया था। उसने पीड़िता को उसके पिता का उपचार एम्स में कराने का प्रलोभन दिया और इस षणयंत्र में शामिल कर लिया। घटना स्थल नवीन रावत का है, जहां दो में से एक कमरा खुला था।

मेहंदी समारोह में शामिल होने के बाद उसने विनोद को फोन कर बुलाया। उसके न आने पर पीड़िता और उसके साथियों ने नवीन के खुले हुए कमरे में दुष्कर्म जैसा माहौल बनाया और वीडियो बनाई। इसका खुलासा पीड़िता ने अपने बयान में दिया है। कोर्ट के समक्ष भी उसने कमल के साथ मिलकर षणयंत्र में शामिल होना बताया है।

सीडीआर ने खोला राज

पुलिस ने कमल और उसकी महिला मित्र सहित पीड़िता के मोबाइल नंबरों का सीडीआर निकलवाया। जिसमें पीड़िता के टाप कालर में कमल रावत का नंबर निकला है।


कमल का रंजिश का कारण

पुलिस के अनुसार कमल रावत पूर्व में इसी प्रकार के प्रकरण मेंजेल में था। कुछ माह पूर्व हाई कोर्ट से पीड़िता के बयान पर राहत मिली थी। तभी से वह विपक्ष के परिवार से रंजिश रखता था।