जागरण संवाददाता, चम्पावत : टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार शाम एक बड़ा हादसा होने से टल गया। बैंक कर्मचारी की कार रोड पर अनियंत्रित होकर पलट कर खाई की ओर जाने लगी लेकिन क्रश बैरियर ने कार को नीचे जाने से बचा लिया। जिससे बैंक कर्मी सकुशल बच गया। हालांकि कुछ देर के लिए जरूर यातायात बाधित हुआ।

देहरादून निवासी तुषार चौहान पिथौरागढ़ में ग्रामीण बैंक में ऑफिसर पद पर तैनात है। शुक्रवार शाम को वह बैंक का काम निपटाने के बाद दो दिन के अवकाश पर देहरादून घर जा रहे थे। धौंन पहुंचने पर मार्ग पर हुए लैंड स्लाइड से रोड पर आई मिट्टी से उनकी कार संख्या यूके07बीयू 9566 रोड पर ही पलट गई और खाई की ओर जाने लगी। कार का एयर बैग खुल गया और वाहन क्रश बैरियर से टकराने के बाद रुक गया। जिस कारण कार खाई में जा नहीं पाई। तुषार को भी चोट नहीं आई और वह भी सकुशल बच गए। घटना से जाम लग गया। मौके पर पहुंची तहसीलदार ज्योति नपलच्याल ने बैंक कर्मी का हाल चाल जाना और बुलडोजर मंगाकर वाहन को किनारे कर जाम खुलवाया। ======= सेराघाट हादसे में मृत किशोरों के स्वजनों को 10 लाख की आर्थिक मदद दे सरकार

पिथौरागढ़: सेराघाट सरयू नदी में हुए हादसे में मृत किशोरों के स्वजनों को अब तक सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली है। विभिन्न संगठनों ने शुक्रवार को बैठक कर मृतकों के स्वजनों को 10-10 लाख की आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की है।

सामाजिक कार्यकर्ता जीवन राम की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सेराघाट हादसे में मारे गए युवक गरीब परिवारों के थे। परिवार के भविष्य की उम्मीद इन युवाओं पर टिकी थी। वक्ताओं ने कहा कि हादसे को आपदा मानते हुए अविलंब युवाओं के स्वजनों को 10-10 लाख की आर्थिक मदद दी जाए। बैठक में एडवोकेट शंकर राम कोहली, मानवाधिकार आयोग सदस्य किशन चंद, गंगाराम, मुन्नी देवी, राजेंद्र लाल आदि मौजूद रहे।

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