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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दस कोआपरेटिव सोसायटी में 40 करोड़ का हुआ धोखाधड़ी

By JagranEdited By:
Published: Thu, 03 Dec 2020 11:21 PM (IST)

जासं चम्पावत प्रदेश में वर्ष 2013 के बाद खुली कोआपरेटिव सोसायटियों में हजारों लोगों ने अपना रुपया जमा किया लेकिन यह कोआपरेटिव ने ेालगो को चूना लगाकर फरार हो गई।

दस कोआपरेटिव सोसायटी में 40 करोड़ का हुआ धोखाधड़ी
दस कोआपरेटिव सोसायटी में 40 करोड़ का हुआ धोखाधड़ी

जासं, चम्पावत : प्रदेश में वर्ष 2013 के बाद खुली कोआपरेटिव सोसायटियों में हजारों लोगों ने अपना रुपया जमा किया, लेकिन यह कोआपरटिव सोसायटी ने लोगों को चूना लगाकर फरार हो गई। ऐसे में पूरे कुमाऊं में धोखाधड़ी दस कोआपरेटिव सोसायटियों पर 21 मुकदमें दर्ज हैं। डीआइजी कुमाऊं द्वारा इन मामलों की जांच के लिए एसपी चम्पावत लोकेश्वर सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया। गुरुवार को एसपी ने सभी जांच अधिकारियों के साथ वार्ता की और मामलों की समीक्षा करते हुए जरूरी निर्देश दिए।

एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि वर्ष 2013 के बाद प्रदेश में कई कोआपरेटिव सोसायटी खुली। सोसायटियों ने रुपये डबल किए जाने का लालच दिया तो हजारों लोगों ने लाखों रुपये इंवेस्ट किए। जब एफडी की मेच्यूरिटी का समय आया तो सोसायटियां लोगों को रुपया दिए बगैर फरार हो गई। एक-एक कर अलग-अलग जनपदों में इन सोसायटियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना शुरू हो गया। प्रथम मुकदमा बागेश्वर में दर्ज किया गया। जिसके बाद बागेश्वर में आठ, अल्मोड़ा में तीन, नैनीताल में एक, पिथौरागढ़ में छह तथा चम्पावत में तीन मुकदमें दर्ज किए गए। कुमाऊं में अलग-अलग दस कोआपरेटिव सोसायटियों में 21 मुकदमें दर्ज है। जिसमें 1600 लोगों ने अपने रुपये इंवेस्ट किए है। डीआइजी ने बीते सप्ताह इन सभी मामलों में त्वरित प्रगति के लिए एसपी को नोडल अधिकारी नियुक्ति किया गया। इसी के तहत गुरुवार को एसपी सभी मामलों की जांच कर रहे जांच अधिकारियों के साथ वार्ता की गई और प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी भी मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामलों में प्रगति के लिए जांच अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।

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इन कोआपरेटिव सोसायटी पर दर्ज हैं केस

एसपी सिंह ने बताया कि कुमाऊं में कैमुना क्रेडिट सोसायटी, किम इंफ्रास्ट्रक्चर सोसायटी, कंपनी रियल इंडियन सोसायटी, अनंत निधि कोआपरेटिव सोसायटी, आर्गेंट कारपोरेशन सोसायटी, अर्थ एंड डेवलपर्स सोसायटी, सेंट्रेल निधि सोसायटी, एवर ग्रीन सोसायटी, सहारा इंडिया कोआपरेटिव सोसायटी तथा आधार मल्टिपल कोआपरेटिव सोसायटी पर मुकदमें दर्ज हैं।