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पर्यटकों के लिए खुशखबरी: 1 जून को खुलेगी फूलों की घाटी, इस बार दिखेगा हिमखंड का नजारा

Published: Sun, 24 May 2026 09:42 PM (GMT+05:30)

फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए 1 जून से खुलने को तैयार है, जहां नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने पैदल मार्ग सुचारु कर दिया है।

फूलों की घाटी। फाइल फोटो

फूलों की घाटी। फाइल फोटो

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संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। विश्व धरोहर फूलों की घाटी को जोड़ने वाले पैदल मार्ग को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने सुचारु कर दिया है।

इस बार घाटी की सैर के दौरान पर्यटक लेगी नाले में हिमखंड का दीदार भी कर सकेंगे। अब सिर्फ इंतजार है फूलों की घाटी के खुलने का। इसके लिए पार्क प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम कर दिए हैं।

फूलों की घाटी प्रत्येक वर्ष एक जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। यहां जैव विविधता का खजाना बिखरा पड़ा है। दुलर्भ वन्य जीवों का यह क्षेत्र प्राकृतिक आवास है।

घाटी में बिखरी रंग-विरंगी आभा

यहां पर हिमालयन थार, कस्तूरा मृग, हिम तेंदुआ सहित अन्य जंगली जानवर आसानी से देखे जा सकते हैं। इन दिनों घाटी में फूलों के खिलने का सिलसिला शुरू हो गया है और विभिन्न प्रजाति के फूल रंग-विरंगी आभा बिखेर रहे हैं।

Valley of Flowers ready

फूलों की घाटी में 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। हर 15 दिन में अलग-अलग प्रजाति के फूलों के खिलने से घाटी रंग बदलती प्रतीत होती है।

फूलों की घाटी का मार्ग

फूलों की घाटी आने के लिए बदरीनाथ हाईवे पर ज्योतिर्मठ के गोविंदघाट होते हुए पुलना पहुंचना पड़ता है। पुलना से 10 किमी की पैदल दूरी पर फूलों की घाटी का बेस कैंप घांघरिया पड़ता है। यहां से फूलों की घाटी तीन किमी के फासले पर है।

  • चमोली जिले में समुद्रतल से 12,995 फीट की ऊंचाई पर 87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली फूलों की घाटी का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण है।

घाटी की सैर के लिए सुबह पांच बजे घांघरिया से चलना पड़ता है और शाम पांच तक हर हाल में वापस लौटना जरूरी है। पर्यटकों को घाटी में रुकने की अनुमति नहीं है।

5 KM में घूमने की अनुमति

पर्यटक को अपने साथ खाने की सामग्री ले जानी पड़ती है, क्योंकि घांघरिया से आगे कोई भी दुकान नहीं है। घाटी में पर्यटक पांच किमी के दायरे में ही घूम सकते हैं। घाटी के बीच से पुष्पावती नदी भी बहती है, जिसका साफ पानी लोगों को मोहित करता है।

घाटी की सैर का शुल्क

घाटी की सैर के लिए पर्यटकों से शुल्क भी लिया जाता है। यह शुल्क घांघरिया स्थित फूलों की घाटी प्रशासन के कार्यालय में जमा कराना पड़ता है।

भारतीय पर्यटकों के लिए प्रति व्यक्ति 200 रुपये और छात्र या 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए प्रति व्यक्ति सौ रुपये शुल्क निर्धारित है। जबकि, विदेशी पर्यटकों से प्रति व्यक्ति 800 रुपये शुल्क लिया जाता है।

फूलों की घाटी एक जून को पर्यटकों के लिए खोली जाएगी। घाटी के लिए रास्ता व अस्थायी पुल बना दिए गए हैं। पार्क प्रशासन ने घाटी की सैर के लिए आवश्यक इंतजाम करने के साथ वहां वन कर्मियों की तैनाती भी कर दी है।
- सर्वेश दुबे, प्रभागीय वनाधिकारी, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क

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