संवाद सूत्र, जोशीमठ: पाखी से द्वींग तक 10 किलोमीटर सड़क मार्ग पर पांच साल बाद भी वन भूमि हस्तांतरित न होने पर गुस्साए ह्यूणा, लांजी, पोखनी, द्वींग के ग्रामीणों ने नगर में प्रदर्शन किया।

विकासखंड कार्यालय से ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं के साथ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का जुलूस मुख्य बाजार होते हुए बदरीनाथ स्टैंड और थाना जोशीमठ होते हुए तहसील परिसर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2013 में पाखी से द्वींग तक 10 किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। पांच साल से सड़क मार्ग पर वन भूमि हस्तांतरण न होने से सड़क का निर्माण अधर में लटका है। ग्रामीण लंबे समय से मामले को लेकर शासन प्रशासन का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक मामले मैं कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सड़क की छोड़ो आजकल आपदा के चलते भी पैदल मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। जिस कारण बीमार लोगों और प्रसूता को सड़क तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। इस सड़क निर्माण से ह्यूणा, पोखनी, लांजी, द्वींग, आरोशी आदि गांवों की 1500 से अधिक आबादी की लाभ मिलना था। ग्रामीणों ने तहसील में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। कहा जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस अवसर पर प्रमुख प्रकाश रावत, पैनखंडा संघर्ष समिति अध्यक्ष रमेश चंद्र सती, सुखदेव ¨सह, अजीतपाल रावत, बलवीर रावत, कुशल कम्दी, कांति देवी, प्रधान पोखनी भादी देवी, कुसुम देवी, आशा देवी, महेंद्र चौहान, रघुबीर ¨सह, कमला देवी, दिनेश ¨सह, चम्पा देवी, पुष्पा देवी, गबर ¨सह, सरोजनी देवी, मनीष ¨सह, राजेंद्र ¨सह, कुलदीप ¨सह, मुकेश ¨सह, पूरण ¨सह आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran