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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यहां खिलते हैं 500 से अधिक प्रजाति के फूल, चले आइए फूलों की घाटी

By Sunil NegiEdited By:
Published: Thu, 31 May 2018 12:48 PM (IST)Updated: Fri, 01 Jun 2018 05:03 PM (IST)

एक जून फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोली जानी है। इसके लिए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।

यहां खिलते हैं 500 से अधिक प्रजाति के फूल, चले आइए फूलों की घाटी
यहां खिलते हैं 500 से अधिक प्रजाति के फूल, चले आइए फूलों की घाटी

जोशीमठ, चमोली [जेएनएन]: जिस प्रकार बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ रहा है, उससे इस वर्ष विश्व धरोहर फूलों की घाटी के दीदार को भी रिकार्ड पर्यटकों के पहुंचने के आसार हैं। इसके लिए देश-दुनिया से पर्यटकों की आनलाइन बुकिंग भी आने लगी है। अब तक 80 देशी और 22 विदेशी पर्यटक फूलों की घाटी के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर चुके हैं। पर्यटकों के इस रुख से नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन भी खासा उत्साहित है।

एक जून फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोली जानी है। इसके लिए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। वन क्षेत्राधिकारी फूलों की घाटी वन प्रभाग बृजलाल भारती ने बताया कि शीतकाल में भारी बर्फबारी से क्षतिग्रस्त हुए पैदल मार्ग को भी दुरुस्त कर लिया गया है। घांघरिया के निकट बामणधौड़ में क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत भी हो चुकी है। मार्ग में अन्य वैकल्पिक पुल भी बनाए गए हैं। विदित हो कि बीते वर्ष रिकॉर्ड 13500 पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे थे। यह जून 2013 की आपदा के बाद पर्यटकों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस वर्ष बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। इससे फूलों की घाटी में भी पर्यटकों का रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है।

अपनी तरह की दुनिया में एकमात्र घाटी

फूलों की घाटी दुनिया में एकमात्र ऐसी घाटी है, जहां 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। अपनी जैव विविधता के लिए यह घाटी विश्व विख्यात है। यहां फूलों के साथ ही दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों, परिंदों व जड़ी-बूटियों का दीदार भी पर्यटक करते हैं।

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