संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: नगर पालिका के सभासदों ने पालिकाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने पालिकाध्यक्ष पर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए निर्माण कार्यो में नियमों की अनदेखी तक करने का आरोप लगाया। कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने से पहले ही निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही प्रशासन पर बिना एनओसी के ही पालिका के स्वामित्व वाले पार्को पर सुंदरीकरण कार्य करने की बात भी कही। सभासदों ने मामले में जिला प्रशासन से शिकायत कर जांच की मांग उठाई है।

भाजपा के जिला महामंत्री व नगर पालिका परिषद के सभासद नवल भट्ट का कहना है कि पालिका प्रशासन की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने से पहले निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। पालिका कर्मियों से पूछो तो वह कहते हैं पालिकाध्यक्ष के कहने पर काम हो रहे हैं। उन्होंने पालिका प्रशासन की ओर से बोर्ड प्रस्तावों को दरकिनार कर चहेतों के अनुसार कार्य करवाने, राजनीतिक दृष्टिकोण से विकास कार्यों के आवंटन करने व जिला प्रशासन की ओर से नगर में करवाए जा रहे कार्यों पर चुप्पी साधने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि पालिका के स्वामित्व वाले पार्को को प्रशासन ने बिना पालिका की एनओसी के ही कार्य किया है, जिस पर पालिका मौन साधे हुए है।

सभासद ने कहा कि गोपेश्वर में गणेश मंदिर के पास बनी दुकानों को तीन वर्ष से आवंटित ही नहीं किया गया है, जिससे पालिका को राजस्व की हानि हुई है। पत्रकार वार्ता में सुभाषनगर वार्ड से सभासद उपेंद्र भंडारी, गंगाल गांव वार्ड से सभासद प्रियंका बिष्ट, पाडुली गांव से सभासद दीपक पंवार आदि भी उपस्थित थे। दूसरी ओर, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष सुरेंद्र लाल ने सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि हल्दापानी में आपदा के दौरान जन सुरक्षा को देखते हुए कार्य कराए जा रहे हैं। निर्माण कार्य पर कोई भी भुगतान नहीं हुआ है। दुकानों के आवंटन को लेकर उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में आया था कि इन दुकानों में सामग्री रखी गई गई है। स्थलीय निरीक्षण के लिए लिखा गया था ताकि दुकानों का नियमानुसार आवंटन हो सके । पालिकाध्यक्ष ने कहा कि पार्को के सुंदरीकरण के प्रशासन के प्रयासों में कुछ भी गलत नहीं है।

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