संवाद सहयोगी, गोपेश्वर : बदरीनाथ विधानसभा के पीपलकोटी में सात जनवरी को आयोजित सरकार के पांच साल बेमिसाल कार्यक्रम में बदरीनाथ के मौजूदा विधायक महेंद्र प्रसाद के कोरे कागज पर स्वयं सहायता समूहों को कैश क्रेडिट लिंकेज (सीसीएल) की वित्तीय स्वीकृति दिए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस ने इंटरनेट मीडिया पर इसका व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करते हुए इसे हास्यास्पद बताया है।

दरअसल, सरकार द्वारा सात जनवरी को प्रदेश की सभी विधानसभाओं में पांच साल बेमिसाल कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में सरकार की उपलब्धियां कार्यकत्र्ताओं के माध्यम से जनता तक पहुंचाई गई। बदरीनाथ विधानसभा में मुख्य कार्यक्रम पीपलकोटी के सेमलडाला खेल मैदान में आयोजित हुआ। जिसमें बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेंद्र प्रसाद ने सरकार की उपलब्धियां जनता के समक्ष रखने के अलावा कई योजनाओं के चेक भी वितरित किए। इस दौरान जोशीमठ विकासखंड के लाता गांव के जय भूम्याल स्वयं सहायता समूह सहित कुछ अन्य समूहों को सीसीएल के चेक वितरित किए जाने थे।

सीसीएल की धनराशि समूहों को वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए स्वीकृत की जाती है। परंतु चेक के स्थान पर विधायक के हाथों कोरे कागज में वित्तीय स्वीकृति लिखकर स्वयं सहायता समूहों के पदाधिकारियों को दिया गया। इस कागज पर खंड विकास अधिकारी जोशीमठ के हस्ताक्षर भी हैं। अब यह कागज इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ है और चर्चा का विषय बना हुआ है।

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कांग्रेस पार्टी ने तो इंटरनेट मीडिया पर इसे हथियार बनाकर विधायक व भाजपा को घेरना भी शुरू कर दिया है। विधायक महेंद्र भट्ट कहा कहना है कि वह कार्यक्रम में खुद मौजूद थे और उन्होंने समूहों को 'शो चेक' वितरित किए, बाकी चेक वितरण का काम ब्लाक अधिकारियों का था। खंड विकास अधिकारी जोशीमठ ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान चेक कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाए थे। लिहाजा कागज पर स्वीकृत धनराशि लिखकर संबंधित स्वयं सहायता समूहों को दिए गए।

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