संवाद सहयोगी, गोपेश्वर : मतदान को लेकर युवा वर्ग में गजब का उत्साह देखा गया। युवा लोकतंत्र के इस महापर्व का हिस्सा बन फूले नहीं समा रहे थे। बूथों के बाहर लाइन में खड़े नए मतदाता अपनी बारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। साथ ही पोलिग बूथ के बाहर सेल्फी लेने का भी क्रेज युवाओं में था।

घिघराण बूथ पर पहली बार मतदान करने गई रेणुका को मतदान के अनुभव को लेकर खासा उत्साह था। वह मतदान कर बाहर आई तो अपनी अन्य सहेलियों का इंतजार करती रही। सहेली प्रियंका भी मतदान केंद्र से बाहर आई तो दोनों ने मतदान प्रक्रिया के अनुभवों को साझा किया और फिर सेल्फी लेकर अपनी खुशी का इजहार किया। प्रियंका ने कहा कि वोट को लेकर उसके मन में जिज्ञासा थी। सुबह दैनिक कार्य निपटाने के बाद वह सीधे मतदान केंद्र पर गई और मतदान प्रक्रिया में शामिल होकर उसे इस बात की खुशी थी कि देश के भविष्य को चुनने में उसकी भागीदारी रही है। दशोली के बैरागना बूथ पर दिव्या नेगी उन मतदाताओं में से है जिन्होंने पहली बार वोट डाला है। दिव्या नेगी का कहना है कि मतदान को लेकर वह सुबह से ही उत्सुक थी। मतदान करने के बाद उसे आभास हुआ कि यह पारदर्शी प्रक्रिया है। ईवीएम मशीन को लेकर चर्चाएं तो बहुत सुनी थी। लेकिन ईवीएम का बटन दबाने के बाद वीवीपैट में उसे अपने चहेते प्रत्याशी को मतदान होने की जानकारी भी मिली। गोपेश्वर के सखी बूथ कुंड को वीआइपी बूथ भी माना जाता है। इस बूथ पर मतदाताओं में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, न्याय विभाग के बड़े अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मतदाता हैं। समय-समय पर मतदान को लेकर इन लोगों के पहुंचने के कारण बूथ पर हलचल थी। इसी बूथ पर पहली बार वोटर बनी 18 वर्षीय लक्की भी उन मतदाताओं में से थी जो उत्साह के साथ वोट देने आई थी। लक्की का कहना है कि मतदान की प्रक्रिया अब पारदर्शी है। पहले यह सुनने में आता था कि वोट देने गए मतदाता का वोट कोई और डाल देता था। लेकिन जिस प्रकार अभी परिचय पत्र सहित अन्य प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है वह सही मतदान के लिए महत्वपूर्ण है।

Posted By: Jagran