संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर चौड़ीकरण का कार्य परेशानी का सबब बनता जा रहा है। चमोली और पीपलकोटी के बीच बिरही चाड़े में निर्माण का मलबा सीधे अलकनंदा नदी में प्रवाहित करने से नदी दूषित हो रही है। यहां निर्माण एजेंसी एनजीटी के मानकों की भी खुल्लेआम धज्जियां उड़ा रही है। वहीं बार-बार जाम लगने से राहगीर भी परेशान हैं। अगर ऐसी स्थिति यात्रा के दौरान भी रही तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

बिरही चाड़े में पिछले डेढ़ माह से सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए यहां एक बड़ी चट्टान को काटा जा रहा है। चट्टान से बड़े बोल्डरों के साथ मलबा भी सीधे अलकनंदा नदी में फेंका जा रहा है, जिससे जलीय जंतुओं के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। एनजीटी की ओर से साफ किया गया है कि निर्माण के दौरान हर हाल में डंपिग जोन बनाया जाए, लेकिन निर्माण एजेंसी बिना डंपिग जोन कार्य कर रही है। इससे एनजीटी नियमों की भी अवहेलना हो रही है।

दूसरी ओर सड़क निर्माण के दौरान मलबा व बोल्डर बार-बार सड़क पर फेंका जा रहा है। इससे यहां घंटों जाम की स्थिति बन रही है। जाम से राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी तेजवीर सिंह कंडेरी का कहना है कि निर्माण एजेंसी की ओर से बेवजह आने-जाने वाले वाहनों को घंटों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहगीरों की परेशानी को जल्द ही प्रशासन को भी अवगत कराया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी चिता जताई कि सड़क निर्माण का मलबा नदी में फेंके जाने से नदी दूषित हो रही है। मामले में उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

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