संवाद सूत्र , जोशीमठ : रविग्राम में आयोजित रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर में अलग-अलग देशों से आए राजा महाराजाओं ने धनुष तोड़ने का प्रयास किया।

लंकापति रावण भी धनुष तोड़ने पहुंचे , लंकापति रावण ने शिव धनुष तोड़ने का काफी प्रयास किया, लेकिन आकाशवाणी होते ही लंकापति रावण को लंका लौटना पड़ा,अलग-अलग देशों से आए राजाओं ने भी शिव धनुष को तोड़ने का काफी प्रयास किया लेकिन कोई भी सफल ना हो पाया । प्रभु श्री राम ने अपने गुरु वशिष्ठ का आशीर्वाद लेकर धनुष की प्रार्थना की । एक झटके में शिव का पौराणिक धनुष तोड़ दिया । सीता के साथ विवाह करके उन्हें अयोध्या ले गए शिव धनुष टूटते ही परशुराम भी स्वयंवर सभा में पहुंचे। धनुष टूटा देखकर परशुराम क्रोधित होकर राजा जनक हो सभा के बीच में ही खरी-खोटी सुनाने लगे। लक्ष्मण ने आगे बढ़कर परशुराम से संवाद किया। राम के पात्र अभय बहुगुणा, लक्ष्मण के पात्र अमन बहुगुणा, सीता के पात्र अमन राणा, जनक के संजय डिमरी, परशुराम के पात्र हर्षवर्धन भट्ट ने शानदार अभिनय कर सबका मन मोह लिया। सांस्कृतिक परिषद के प्रवक्ता डॉ. संजय डिमरी ने कहा कि हमारे यहां 50 साल से लगातार रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। 1969 से इसका लगातार आयोजन हो रहा है। 50 साल पूरे होने पर स्वर्ण जयंती समारोह मनाया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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