संवाद सहयोगी, गोपेश्वर : समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत जिला बाल सलाहकार बोर्ड की बैठक में जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बाल संरक्षण प्रणाली को मजबूत बनाने, रेस्क्यू किए गए बच्चों की शिक्षा, विकास एवं देखभाल के लिए बेहतर कार्य करने की नसीहत दी ।

बताया गया कि जिले में गरीब, अनाथ, दिब्यांग, शोषण व हिसा इत्यादि से पीड़ित 256 बच्चों चिंह्नत किए गए हैं । बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं सीमा सड़क संगठन से किसी भी अधिकारी के मौजूद न रहने संबधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया

जिलाधिकारी ने बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत सरकारी विभाग, स्वयं सेवी संस्थाएं एवं सामाजिक कार्यकत्र्ताओं को बाल संरक्षण के लिए तत्परता से कार्य करने की बात कही। ताकि बच्चों को उनके मूल अधिकार प्राप्त हो सके। बोर्ड के सदस्यों को सार्वजनिक स्थलों जैसे शिक्षण संस्थाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों, कार्यस्थलों, व्यावसायिक वाहनों, टैक्सी यूनियन के कार्यालय एवं टैक्सी स्टैंड पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर चस्पा करने के निर्देश दिए। कोविड से बचाव के लिए वितरित की जा रही माइक्रो न्यूट्रिएटंस किट के माध्यम से भी हेल्पलाइन नंबर का प्रचार प्रसार करें।

हिमाद समिति की जिला समन्वय प्रभा रावत ने अवगत कराया कि चाइल्ड लाइन सेवा 1098 के तहत 0 से 18 वर्ष तक के गरीब, अनाथ, दिब्यांग, शोषण एवं हिसा इत्यादि से पीडित बच्चों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। इस साल जनवरी से अब तक 256 मामले चिन्हित किए गए है। जिसमें चिकित्सा के 18, बाल श्रम के 42, भीख मांगने वाले बच्चे 10, यौन शोषण, उत्पीड़न के छ: , बाल विवाह का एक , स्पांन्सरशिप के 173, लापता के दो तथा नशा खोरी के चार मामले शामिल है।

Edited By: Jagran