संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: छोटी काशी के नाम से विख्यात चमोली जिले के परियोजना प्रभावित हाट गांव के ध्वस्तीकरण के एक माह पूरे होने पर ग्रामीणों ने टूटे घरों के आगे धरना, प्रदर्शन कर एक दिवसीय अनशन भी किया। ग्रामीणों ने कहा यदि जल्द ही उन्हें आवास नहीं दिए तो वह टीएचडीसी के अधिकारियों के कार्यालयों व निवास पर जबरन कब्जा करेंगे।

गौरतलब है कि टीएचडीसी की 444 मेगावाट की तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना प्रभावित हाट गांव पर प्रशासन व टीएचडीसी ने एक माह पूर्व भवनों, गोशालाएं ध्वस्त कर दिए थे। हाट के ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल व दशोली ब्लाक के ज्येष्ठ उप प्रमुख पंकज हटवाल ने सरकार, प्रशासन व टीएचडीसी के विरोध में हाट गांव में तोड़े गए भवनों के आगे बैठकर एक दिवसीय अनशन किया। इस दौरान अन्य ग्रामीणों ने धरना देकर सरकार व टीएचडीसी के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध दर्ज किया। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री से भी प्रभावितों का शिष्टमंडल मिला था। वहां भी उन्हें आश्वासन दिया गया, जो आज तक कोरा साबित हो रहा है। जब वह धरना दे रहे थे तब प्रशासन ने भी बैठक कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया गया। मगर प्रशासन आश्वासन देकर आज तक बैठक तक नहीं करा पाया। उन्होंने साफ किया कि मांगें न माने जाने पर जल्द ही अन्य कदम भी उठाए जाएंगे। धरना देने वालों में अमित गैरोला, इंद्रप्रकाश पंत, प्रताप सिंह, तारेंद्र जोशी, विजया देवी, बिदी देवी, नर्वदा देवी, उमा देवी, सतेश्वरी देवी, धन सिंह आदि ग्रामीण मौजूद थे।

फोटो। 22 जीओपीपी 5

कैप्शन। चमोली जिले के हाट गांव में टीएचडीसी व प्रशासन द्वारा तोड़े गए भवनों के आगे से धरना प्रदर्शन व आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीण। जागरण

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