संवाद सूत्र, कर्णप्रयाग: गुरुवार को हुई हल्की बारिश ने ही नगर पालिका कर्णप्रयाग के व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।

मुख्य बाजार सहित विभिन्न वार्डो में बने अधिकांश स्कवरों पर जमा मिट्टी का ढेर जहां बरसाती पानी घरों की ओर रूख कर रहा है, वहीं पॉलीथिन पर प्रतिबंध के बाद भी नालियां प्लास्टिक कचरे से लबालब हैं। सुभाषनगरवार्ड निवासी कमला सती ने कहा कि नगर पालिका की क्षतिग्रस्त निकासी नाली का पानी उनके आवासीय भवन में घुस रहा है इस संबंध में कई बार पालिका को अवगत कराया लेकिन समस्या जस की तस है इसी तरह राजनगर से सीएमपी बैंड व नैनीसैंण मोटर मार्ग पर नालियों का पानी आवासीय भवनों की ओर थोड़ी सी बारिश में जमा होने से परेशानी बढ़ा रहा है लेकिन ना तो लोनिवि व ना ही एनएच निकासी व्यवस्था को ठीक कर सका है वहीं पुलिस चौकी के समीप प्राकृतिक जलस्रोत पर वर्षो से निकासी नाली की व्यवस्था शिकायत के बाद भी दुरूस्त करने से पालिका परहेज कर रहा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आरएस राणा ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को बंद नालियों की निकासी के लिए निर्देशित किया गया है जबकि क्षतिग्रस्त नालियों का शीघ्र निर्माण किया जाना है।

इसी तरह गौचर-कर्णप्रयाग-लंगासू के मध्य जोशीमठ राजमार्ग पर सड़क निर्माण का मलबा हादसे को न्यौता दे रहा है लेकिन एनएच अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे है। सबसे अधिक परेशानी गौच-कर्णप्रयाग मार्ग के गलनाऊं में सिरण व झिरकोटी मोटर मार्ग के जमा मलबे से बने दलदल ने बनाई है और यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन सवार जान-जोखिम में डाल कर आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीण महेन्द्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, दिलवर सिंह, व्यापार संघ गौचर के पूर्व अध्यक्ष सुनील पंवार ने बताया कि मोटर मार्ग पिछले नवंबर माह से राहगीरों के लिए दुश्वारियां पैदा कर रहा है और अब तक एक दर्जन से अधिक दोपहिया वाहन चालक रपट कर चोटिल भी हो चुके हैं।

Posted By: Jagran

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