भराड़ीसैंण, चमोली [देवेंद्र रावत]: भराड़ीसैंण में निर्माणाधीन विधानसभा भवन में चल रहे सत्र को लेकर भले ही इस बार स्थानीय लोगों की कम भागीदारी दिखी। मगर एक बुजुर्ग के लिए यह पल हमेशा के लिए यादगार बन गया।

जंगल में गाय चराने पहुंचे सिराणा गांव के त्रिलोक सिंह भीड़-भाड़ को देखकर विधानसभा भवन तक पहुंचे। किसी ने उन्हें दर्शक दीर्घा का पास पकड़ा दिया। इस पर विधानसभा की कार्यवाही देख बुजुर्ग खासा उत्साहित दिखाई दिए।

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80 वर्षीय त्रिलोक सिंह का गांव सिराणा भराड़ीसैंण से तीन किमी दूर है। बुजुर्ग सुबह मवेशियों को चराते हुए भराड़ीसैंण पहुंच गए। विधानसभा भवन में लोगों की चहल-पहल को वे बड़ी उत्सुकता से देख रहे थे। उनकी लालसा देख किसी ने उन्हें दर्शक दीर्घा का पास देकर भीतर पहुंचा दिया।

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इसके बाद यह बुजुर्ग मवेशियों की फ्रिक छोड़ तल्लीनता से विधानसभा सत्र की कार्रवाई देखते रहे। त्रिलोक सिंह ने बताया कि वह उनके दो बेटे बाहर नौकरी करते हैं, जबकि छोटा बेटा उनके साथ ही गांव में रहता है। काश्तकारी व मवेशियों को चराना उनकी प्रतिदिन की दिनचर्या है। विस सत्र की कार्यवाही देख वे काफी उत्साहित दिखाई दिए।

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उन्होंने बताया कि यह किसी सपने के सच होने जैसा था। बताया कि वह गांव जाकर सत्र में विधायकों के काम के बारे में बताएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जगह-जगह पुलिस के चेक-पोस्ट व बिना अनुमति आने की मनाही से कई ग्रामीण विस सत्र देखने नहीं आए।
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Posted By: Bhanu

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