संवाद सूत्र, देवाल: घाट कुरूड़ से चली नंदा लोकजात विभिन्न पड़ावों से होते हुए मंगलवार को देवाल विकासखंड के ग्राम कोठी की सीमा में पहुंचने पर महिलाओं व ग्रामीणों ने मांगलगीतों से स्वागत किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने मां नंदा का फूल मालाओं, ढोल नगाड़ों के साथ पांच स्वरों के साथ पूजा अर्चना की। गांव की सीमा में लोकजात यात्रा के पहुंचने की सूचना पर ग्रामीण एकत्र हुए और मां नंदा को गांव तक लाया गया इस दौरान मां नंदा को श्रृंगार सामग्री अर्पित कर डोली की पूजा भी की। कोठी में पूजन व भंडारे के बाद सांय नंदा लोकजात अपने 14वें पड़ाव रात्रि विश्राम के लिए धरातल्ला गांव पहुंची, बुधवार को नंदा लोकजात यात्रा धरा से पूर्णा, देवाल, कैल, इच्छोली होते हुए रात्रि विश्राम के लिए परिहार थोकदारों के गांव फल्दियागांव पहुंचेगी। इससे पूर्व सोमवार को मां नंदादेवी बुटोला थोकदारों के गांव चेपडों से मां नंदा के डोली को गांव के भूमियाल देवता, देवी मां मंदिर की परिक्रमा के बाद ग्रामीणों ने राजराजेश्वरी के जयकारों के साथ कोठी गांव को विदा किया। जहां ग्राम प्रधान नंदाबल्लभ जुयाल, उमा देवी, महावीर सिंह, केदार सिंह सहित सभी ग्रामीणों ने लोकजात में चल रहे यात्रियों का स्वागत किया। गढ़वाल-कुमाऊं से पहुंचे नंदा भक्तों ने इस दौरान पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण कर मां नंदा से आर्शीवाद लिया। धरात्तला में देवी मंदिर के पुजारी कनक पाल, लखन रावत, अशोक रावत, बलवंत सिंह, कुंवर सिंह, मदन सिंह, नरेन्द्र राम ने नंदा देवी के डोली का स्वागत किया इस मौके पर रात्रि में अखंड देवी जागरण का कार्यक्रम रखा गया है।

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