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चमोली हत्याकांड: पैसों के विवाद में चचेरे भाई ने कुल्हाड़ी से ली जान, पुलिस ने कराया क्राइम सीन री-क्रिएट

Published: Fri, 10 Jul 2026 08:30 PM (IST)

चमोली के गैरसैंण में पैसों के लेन-देन को लेकर हुए चचेरे भाई राजेंद्र की हत्या के आरोपी देवेंद्र कंडारी ने घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया।

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. पैसों के लेन-देन विवाद में चचेरे भाई की हत्या

  2. आरोपी देवेंद्र कंडारी ने कुल्हाड़ी से किया था वार

  3. पुलिस ने घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया

संवाद सूत्र, मेहलचौरी (चमोली)। थाना गैरसैंण के अंतर्गत देवपुरी गांव में मई माह में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के संदिग्ध हत्यारोपित को लेकर पुलिस ने शुक्रवार को घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया।

हत्यारोपी देवेंद्र कंडारी को न्यायालय से दो दिन की पूछताछ के लिए रिमांड पर लेकर पुलिस टीम शुक्रवार को देवपुरी गांव के घटनास्थल चनुलीछानी तौक पहुंची।

यहां हत्यारोपित ने हत्या की पूरी घटना को दोहराकर डिजिटल साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया। आरोपित के अनुसार, पैसों के लेन-देन के विवाद के चलते 18 मई को सुबह सवा सात बजे उसने अपने घर के पीछे के जंगल में मिलने के बहाने राजेंद्र को बुलाया और कुल्हाड़ी से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उसने शव को वहीं छिपा दिया।

उस दिन लगभग आठ बजे एक ग्रामीण ने देवेंद्र के काम पर न पहुंचने की सूचना उसके स्वजन को दी तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। हत्यारोपित ने अपने घर के पीछे खुद ही खोजने की बात कहकर अन्य ग्रामीणों को गुमराह किया।

लापता राजेंद्र को खोज रहे ग्रामीणों को दूसरी दिशा में ले गया। पूरे दिन की खोजबीन के बाद रात को उसने शव के हाथ-पांव बांधकर अकेले ही पीठ पर लादकर तीन सौ मीटर नीचे की तरफ नदी के तालाब में फेंक दिया।

हत्यारोपित ने संदेह पैदा करने के लिए तालाब के नजदीक मृतक का मोबाइल, चप्पल और पानी की बोतल भी रख दी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या का मुख्य कारण पैसों के लेन-देन का विवाद था। हत्यारोपित देवेंद्र कंडारी और मृतक राजेंद्र चचेरे भाई होने के साथ ही घनिष्ठ मित्र भी थे। राजेंद्र के अधिकांश पैसों का हिसाब देवेंद्र ही देखा करता था।

राजेंद्र राजमिस्त्री के साथ लकड़ी काटने का काम करता था और देवेंद्र के साथ वैवाहिक कार्यक्रमों में खाना बनाने का भी काम करता था।

देवेंद्र अपनी कमाई के पैसे राजेंद्र के पास ही संभालने को देता था और मृतक के लेन-देन का हिसाब लगभग आठ से दस लाख रुपये का था।

घटना के दिन देवेंद्र गांव के एक आयोजन में खाना बनाने की बुकिंग में गया था, जहां से वह शव को ठिकाने लगाने के बाद जल्दी वापस आया।

मामले के जांच अधिकारी और अपराध दृश्य को दोहराने के लिए मौके पर पहुंचे थाना अध्यक्ष गैरसैंण मनोज सिरोला ने बताया कि कोर्ट से दो दिन की रिमांड मिलने के बाद शुक्रवार को पूरे हत्याकांड के घटनाक्रम को दोहराकर डिजिटल वीडियोग्राफी की गई और हत्या में प्रयोग किए गए आवश्यक सबूत एकत्रित किए गए।

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