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फूलों की घाटी में लगी भीषण आग से निपटने के लिए मांगी IAF से मदद, चार दिन की मशक्कत के बाद वन विभाग ने मानी हार

Published: Mon, 12 Jan 2026 07:41 PM (IST)

उत्तराखंड की फूलों की घाटी रेंज में चार दिनों से भीषण आग लगी है। जिसे बुझाने में वन विभाग विफल ...और पढ़ें

फूलों की घाटी रेंज में चार दिन से लगी आग को बुझाने में वन विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं।

फूलों की घाटी रेंज में चार दिन से लगी आग को बुझाने में वन विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं।

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संक्षेप में पढ़ें

संवाद सहयोगी, जागरण गोपेश्वर। ज्योतिर्मठ के फूलों की घाटी रेंज में चार दिन से लगी आग को बुझाने में वन विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अधिकारियों ने विकट परिस्थितियों का हवाला देते हुए प्रशासन से आग बुझाने के लिए आइटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वायु सेना की सहायता मांगी है।

दो टीम रास्ते में ही है

हालांकि, आग बुझाने के लिए निकली नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की दो टीमें अब तक मौके पर ही नहीं पहुंच पाई हैं और रास्ते में ही डेरा डाले हुए हैं। आग लगने का कारण चट्टानों से गिरे पत्थरों के टकराने से निकली चिंगारियों को माना जा रहा है।

Fire in floower valley

चार दिन से जल रहे जंगल

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र के तहत फूलों की घाटी रेंज में लक्ष्मण गंगा व अलकनंदा नदी के बीच की पहाड़ियों में चार दिनों से जंगल आग से जल रहे हैं। यह नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क का बफर जोन है।

बना हुआ है जान का खतरा

फूलों की घाटी रेंज की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल के नेतृत्व में वन विभाग की दो टीमें मौके पर मौजूद हैं, लेकिन पहाड़ियों से गिरते पत्थर और पेड़ों के कारण आग बुझाना तो दूर, उस क्षेत्र में जाना भी खतरे से खाली नहीं है।

Difficult terrain

अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट

रेंजर ने विभागीय अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि क्षेत्र में सूखी झाड़ियों और पेड़ों के कारण आग की तीव्रता बढ़ रही है, जिससे वर्तमान टीमों से आग बुझाना संभव नहीं है।

वायु सेना से मांग गई है मदद

इसलिए भारतीय वायु सेना, एसडीआरएफ, आइटीबीपी आदि की मदद से ही आग पर काबू पाया जा सकता है। अगले 10 दिनों तक वर्षा की भी कोई संभावना नहीं है, ऐसे में विश्व धरोहर फूलों की घाटी क्षेत्र को आग से बचाने के लिए त्वरित कदम उठाना आवश्यक है।

fire in  Valley

रिपोर्ट के बाद प्रशासन हुआ सक्रिय

विश्व धरोहर फूलों की घाटी पर मंडरा रहे आग के खतरे को लेकर वन विभाग की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन एवं पुर्नवास सचिव को वस्तु स्थितियों से अवगत कराते हुए अग्रिम कार्रवाई का अनुरोध किया है।

आग बुझाने में जताई असमर्थता

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अधिकारियों द्वारा दी गई रिपोर्ट चिंताजनक है। फायर कंट्रोल टीम द्वारा विषम परिस्थितियों का हवाला देकर आग बुझाने में असमर्थता जताई गई है।

Chamoli News 2

शासन को भेजी गई है रिपोर्ट

इस क्षेत्र से लगी फूलों की घाटी विश्व धरोहर है। ऐसे में आग बुझाने के लिए आइटीबीपी, वायु सेना, एसडीआरएफ की मदद मांगी गई है, जिस पर शासन को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

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