संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: महिलाओं को रोजगार देने के लिए हिमाद समिति की ओर से सोनला में स्थानीय गांवों की महिलाओं को एलईडी बल्ब, एलईडी लड़ी व लाइट का कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया।

सोनला न्याय पंचायत भवन सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में हिमाद समिति के सचिव उमाशंकर बिष्ट ने कहा कि सामाजिक जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं को अपनी आजीविका के संवर्धन के लिए आगे आने की आवश्यकता है। इसके लिए स्वयं सहायता समूह एवं ग्राम स्तरीय संगठन उचित माध्यम है। कहा कि ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण में नवाचार तकनीकी से भी रोजगार प्राप्त किया जा सकता है। उरेडा विभाग के प्रशासनिक अधिकारी भोपाल सिंह कुंवर ने कहा कि एलईडी लाइट एवं बैम्बो पर डिजाइन देकर स्वयं सहायता समूहों की स्वरोजगार की बेहतर राह बन सकती है। आज के दौर में महिलाएं किसी भी कार्य में पीछे नहीं हैं। इसलिए समूह सदस्य ग्राम स्तरीय संगठनों एवं सहकारिता के सदस्यों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर महिलाएं स्वरोजगार प्राप्त कर सकती हैं। हिमाद के निदेशक डॉ. डीएस पुंडीर ने कहा कि बांस से बनी विभिन्न प्रकार की लाइट जनपद चमोली का एक बेहतर उपहार भी हो सकती है। मुख्य प्रशिक्षक मनोज पंत ने प्रतिभागियों को एलईडी लाइट बल्ब जोड़ने, लड़ी बनाने, बैम्बो का डिजाइन, कटिग, सर्किट जोड़ने, बैम्बो की फिनिशिग की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए तैयार किए गए उत्पादों की बाजार के टिप्स की जानकारी दी।

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