संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: जिला पंचायत की बैठक के पहले दिन सदस्यों के न आने से समितियों की बैठक नहीं हो पाई। बैठकों को लेकर सदस्यों की किनाराकसी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर चल रही तनातनी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि कारणवश सदस्य नहीं पहुंचे हैं। गुरुवार को होने वाली सामान्य बैठक में ही समितियों की बैठक कराई जाएगी।

चमोली जिला पंचायत की बैठक पहले दो और तीन अगस्त को प्रस्तावित थी। लेकिन तब डीपीसी मेंबरों के चुनाव की आचार संहिता के चलते बैठक नहीं हो पाई थी। जिला पंचायत की यह बैठक 12 व 13 सितंबर को प्रस्तावित की गई थी। बैठक में जिला पंचायत की प्रशासनिक, नियोजन एवं विकास, जल प्रबंधन, निर्माण कार्य, स्वास्थ्य, शिक्षा समिति की बैठक होनी थी, जिसमें जिले के विकास का खाका तैयार होना था। इन बैठकों में सभापति व छह सदस्य होते हैं, लेकिन समितियों की बैठक में कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी दिनभर कार्यालय में सदस्यों का इंतजार करती रही। जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी का कहना है कि गुरुवार को होने वाली बैठक में ही समितियों की बैठक संपादित की जाएगी।

इधर, जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों के न पहुंचने को लेकर जिला पंचायत की अंदरूनी राजनीति भी गरमा गई है। बताया गया कि एक रणनीति के तहत सदस्यों ने बैठक में अनुपस्थिति दर्ज कराई है। दरअसल जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी के थराली विधायक बनने के बाद से ही उन पर इस्तीफे को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। 31 मई को जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी का निर्वाचन थराली विधायक के रूप में हुआ था। मुन्नी देवी जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर 11 अगस्त 2014 में आसीन हुई थी, लेकिन विधायक बनने के बाद भी उनके पद पर बने रहने पर उपाध्यक्ष लखपत बुटोला के एकतरफा जिला पंचायत अध्यक्ष का चार्ज लेने के बाद विवाद हुआ था। तब प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उपाध्यक्ष के कार्यभार ग्रहण करने को अवैधानिक बताकर फिर से अध्यक्ष पद पर थराली की विधायक मुन्नी देवी काबिज हुई थी।

फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट मे विचाराधीन है। जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों की किनाराकसी को भी अध्यक्ष के इसी विवाद को लेकर चल रही राजनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सभी की नजर गुरुवार को होने वाली जिला पंचायत की सामान्य बैठक पर लगी है।

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