संवाद सूत्र, कर्णप्रयाग : अलकनंदा और पिंडर नदी के तट पर बने स्नानघाट और शवदाह गृह बरसात में आए मलबे के नीचे दफन हैं। इस कारण लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं बरसाती मलबे व अधजली लकड़ियों के किनारे लग जाने से लोगों को संगम जाने के लिए 100 मीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। जबकि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत चार करोड़ की लागत से बने स्नान घाट और शवदाह गृह नगर पालिका कर्णप्रयाग के जिम्मे है। बावजूद इसके मलबे को अभी तक नहीं हटाया जा सका है।

नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत एक वर्ष पहले कर्णप्रयाग नगर क्षेत्र में अलकनंदा और पिंडर नदी के संगम पर स्नान घाट व शवदाह गृहों का निर्माण किया गया। सिंचाई विभाग की ओर से बकायदा इनका सौंदर्यीकरण भी किया गया। लेकिन बरसात में आए मलबे से यह दब गए हैं। आलम यह है कि सफाई व गंगा का गुणगान लिखे स्लोगन जगह-जगह मुंह चिढ़ाते नजर आते हैं। वहीं सुरक्षा को लगे स्टील रेलिंग गंगा में समा जाने से शौचालय, स्नानागार व चेंजिंग रूम का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। गंगा सेवक उद्धव देवली ने कहा कि प्रतिदिन संगम तट पर आरती का आयोजन व विशेष अभियान चलाकर गंगा को स्वच्छ रखने की प्रतिज्ञा ली जाती है, लेकिन नदी तट किनारे बने शवदाह गृह का उपयोग न होने से नदी किनारे अधजली लकड़ी, प्लास्टिक कचरा गंगा की अविरल धारा को दूषित कर रहा है।

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पालिका की ओर से हर दिन संगम की सफाई की जा रही है। शवदाह गृह नदी से दूर होने से लोग उसमें दाह संस्कार नहीं कर पा रहे हैं।

- अंकित राणा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका कर्णप्रयाग

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अलकनंदा व पिंडर नदी तटों पर प्लास्टिक कचरा ना हो इसके लिए पालिका को निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही कूड़ेदान में आग लगाने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी है। नियमित रूप से गंगा तट के रास्तों व स्नान घाटों की सफाई ना होने पर पालिका से जानकारी ली जा रही है ।

-- देवानंद शर्मा, एसडीएम , कर्णप्रयाग

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शिकायत के बावजूद समस्या का निदान नहीं

शक्तिनगर वार्ड वासियों ने आवासीय भवनों का सीवर गंगा में डाले जाने व इससे फैल रही दुर्गंध बाबत एसडीएम कर्णप्रयाग को ज्ञापन प्रेषित कर कार्रवाई की माग उठाई थी। लेकिन एक माह बाद भी इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी। स्थानीय निवासी प्रमोद, राजेंद्र सिंह नेगी, अनिल खंडूड़ी ने कहा कि कई आवासीय भवनों का सीवेज का पानी लीक होकर पैदल रास्तों व आवासीय भवन परिसर में गंदगी को बढ़ा रहा है, लेकिन शिकायत के बाद भी समस्या का निदान नहीं हो सका है।

Posted By: Jagran

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