चमोली, रणजीत सिंह रावत। मानसून सीजन के चलते जहां चारों धाम में यात्रियों की संख्या सिमटकर रह गई है, वहीं विश्व धरोहर फूलों की घाटी में पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। एक जून से अब तक घाटी में 11753 पर्यटक पहुंच चुके हैं, जिनमें 314 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। घाटी में पर्यटकों की बढ़ती आमद से पर्यटन व्यवसायी भी बेहद उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार घाटी में पर्यटकों की आमद का नया रिकॉर्ड बन सकता है। 

सीमांत चमोली जिले में समुद्रतल से 12995 फीट की ऊंचाई पर 87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली फूलों की घाटी में इन दिनों 300 से अधिक प्रजाति के रंग-बिरंगे फूल खिले हुए हैं। साथ ही कल-कल करते बह रही पुष्पावती नदी, झरनों का सुमधुर संगीत, दूर-दूर तक नजर आते बर्फीले पहाड़, पङ्क्षरदों की चहचहाट व दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों की चहलकदमी घाटी के सौंदर्य में चार चांद लगा रही है। इससे मंत्रमुग्ध पर्यटक घाटी की ओर खिंचे चले आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से तो रोजाना 500 के आसपास पर्यटक फूलों की घाटी के दीदार को पहुंच रहे हैं। 

वन क्षेत्राधिकारी फूलों की घाटी बृजमोहन भारती ने बताया कि वीकेंड पर तो पर्यटक सीधे घाटी की ओर रुख कर रहे हैं। इन दिनों घाटी अपनी पूरी रंगत में है, जिससे पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। अगस्त में हमेशा ही पर्यटक बड़ी तादाद में घाटी का रुख करते हैं, लेकिन इस बार उनकी संख्या बीते वर्षों की अपेक्षा काफी अधिक है। बताया कि नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन को अब तक पर्यटकों से 14 लाख दस हजार 900 रुपये की आय हो चुकी है।

यही 'नंदकानन', यही 'अलका' 

'स्कंद पुराण' के केदारखंड में भ्यूंडार स्थित फूलों की घाटी को 'नंदकानन' नाम दिया गया है, जबकि महाकवि कालिदास ने इसका 'अलका' नाम से वर्णन किया है। इसके अलावा 'गंदमादन', 'पुष्पावती', 'पुष्प रस', 'भ्यूंडार', 'देवद्वार', 'वैकुंठ' आदि नामों से विभिन्न ग्रंथों में इस घाटी का जिक्र हुआ है। 

छह वर्षों में फूलों की घाटी पहुंचे पर्यटक 

  • वर्ष-----------पर्यटक 
  • 2019-----------11753 (11 अगस्त तक) 
  • 2018-----------14712     
  • 2017-----------13752     
  • 2016-----------6503     
  • 2015-----------181     
  • 2014-----------484 

यह भी पढ़ें: स्वतंत्रता के सारथी: वर्षाजल से लबालब हुए श्रमदान से बने चाल-खाल

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड की रंगत निखारेगा कश्मीर का चिनार, यहां लगाए जाएंगे 200 पौधे

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Sunil Negi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप