संवाद सहयोगी, पोखरी : बरसात के दौरान भूस्खलन से पोखरी पेयजल पुनर्गठन योजना के टूटने से नगर में छठे दिन भी पानी का संकट बरकरार है। बुधवार को जल संस्थान की ओर से टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की गई। मगर मोहल्लों में यह पानी भी नहीं पहुंचा। नागरिक निजी वाहनों से प्राकृतिक स्रोतों पर जाकर पानी भरकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

पोखरी नगर पंचायत मुख्यालय में विगत छह दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है। बताया गया है कि पोखरी पेयजल पुनर्गठन की लाइन कलसीर डाडों के समीप भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं विभाग के कर्मचारियों की ओर से लाइन को दुरुस्त किया जा रहा है। लेकिन, अभी भी क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत में एक सप्ताह का समय लग सकता है। पिछले पांच दिन से पोखरी व देवस्थान की जनता व कर्मचारियों की ओर से चार किलोमीटर दूर ग्राम खन्नी, जयडुंग्रा व मयाणी के प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोया जा रहा है। बताते चलें कि पोखरी क्षेत्र की जनता के लिए करोड़़ों रुपये खर्च कर पोखरी पेयजल पुनर्गठन योजना का निर्माण किया गया है, लेकिन बार-बार कलसीर, डाडों क्षेत्र में ही लाइन टूटती है। जिसकी मरम्मत करने में विभाग को कई दिन लग जाते हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी पंत ने कहा कि पोखरी पेयजल पुनर्गठन की सप्लाई में अभी बहुत खामियां रह गई हैं। प्रतिदिन उपभोक्ताओं को समय से पानी की आपूर्ति नहीं होती है। विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से किसी-किसी लाइन में पूरे सप्ताह पानी सप्लाई नहीं होती है। वहीं कई लाइनों पर रात-दिन पानी चलता रहता है। जल संस्थान के अवर अभियंता योगेंद्र ढौंडियाल ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत का कार्य तेज किया गया है। बताया कि लाइन बड़े हिस्से में क्षतिग्रस्त हुई है, इसलिए समय लग रहा है।

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