संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: वित्तीय वर्ष का अंतिम चरण है, परंतु विभागों ने जिला योजना का सिर्फ 77 प्रतिशत ही खर्च किया है। लोनिवि, वन विभाग सहित कई विभाग तो विकास योजनाओं में खर्च करने में काफी पीछे हैं। जिला, राज्य, केंद्र पोषित, वाह्य सहायतित एवं बीससूत्री योजनाओं के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यो को तय समय के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करना करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने कलक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विकास योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति समीक्षा करते हुए लोनिवि, वन तथा मत्स्य विभाग ने 60 प्रतिशत से कम धनराशि व्यय करने पर नाराजगी जाहिर कर अधिकारियों को फटकार लगाई। वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए जिला योजना के अंतर्गत अनुमोदित 4085.00 लाख धनराशि के सापेक्ष 2618.10 लाख की धनराशि विभागों को अवमुक्त की गई है, जिसमें से 77.14 प्रतिशत धनराशि ही विभाग व्यय कर सके हैं।

सीडीओ ने कहा कि विभागों ने निर्धारित समय के भीतर अवमुक्त धनराशि व्यय न करने पर तीसरी किश्त जारी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई विभाग किसी कारण से प्रस्तावित योजना में अवमुक्त धनराशि व्यय नहीं कर पा रहे हैं, तो वे तत्काल दूसरी योजना का प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।

आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने सभी निर्माणदायी विभागों को समय से टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने के भी निर्देश दिए, ताकि प्रस्तावित कार्यो में किसी प्रकार का व्यवधान न हो। साथ ही जो निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, उनकी फोटो, एमबी व उपयोगिता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराने को कहा।

बीस सूत्री कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने निर्धारित समय से लक्ष्य पूरा करते हुए हर हाल में जिले को 'ए' श्रेणी में लाने तथा टास्क फोर्स में सम्मिलित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के तहत यूनिटों का सत्यापन कार्य पूरा करने के निर्देश दिए । समीक्षा बैठक में सीटीओ वीरेंद्र कुमार, डीडीओ एसके रॉय, अधिशासी अभियंता लोनिवि डीएस रावत, सीएमओ डॉ. तृप्ति बहुगुणा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी बिजेंद्र पांडे, अर्थ एवं संख्या अधिकारी आनंद ¨सह जंगपागी सहित कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, रेशम, जल निगम, जल संस्थान आदि सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

जिला योजना की विभागवार स्थिति

विभाग,आवंटन,खर्च

लोनिवि,544.68,224.12

पेयजल निगम,217.31,162.60

जल संस्थान,159.69,135.69

वन विभाग,61.76,33.90

राजकीय ¨सचाई,209.14,162.79 माध्यमिक शिक्षा,195.72,163.92

पर्यटन,115.26,111.35

उद्यान,24.84,21.53

पशुपालन,46.12,38.28

इन विभागों ने शत प्रतिशत राशि की खर्च

एलोपैथिक, आयुर्वेद, होम्योपैथिक, प्राथमिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, उरेडा, कृषि, सहकारिता, पंचायती भवन निर्माण, रेशम आदि विभागों ने प्रथम दो किस्तों में अवमुक्त धनराशि का शतप्रतिशत व्यय किया है।

Posted By: Jagran

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