संवाद सूत्र, गैरसैंण : गैरसैंण के धारगैड़ व तोलियों गांव के मध्य सप्ताहभर से पेयजल को लेकर जंग जारी है। पानी नहीं तो सड़क नहीं आंदोलन के तहत आठ दिन पूर्व तोलियों गांव की महिलाओं की ओर से खोदे गए मोटर मार्ग को धारगैड़ की महिलाओं ने रविवार को श्रमदान कर वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार किया।

तोलियों गांव के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक पेयजल की व्यवस्था नहीं हो सकी है। आज भी ग्रामीणों को गांव से दूर स्रोत से पीने के पानी लाना पड़ रहा है। बतातें चले कि आठ दिन पूर्व तोलियों की महिलाओं ने पीने के पानी को आंदोलन प्रारंभ किया। इसके तहत ग्रामीणों ने गांव से गुजर रही गैरसैंण-धारगैड़ सड़क पर गढ्डे बनाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी थी। ग्रामीण सप्ताहभर तक सड़क पर धरना देते रहे। शुक्रवार को एसडीएम ने मौके पर पहुंच दोनों गांव की महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इस बीच शनिवार को पुलिस ने धारगैड़ के ग्रामीणों को सुरक्षा दिए जाने का भरोसा दिलाया। इस पर रविवार को धारगैड़ की 100 से अधिक महिलाओं ने श्रमदान कर मोटर मार्ग आवाजाही लायक बनाया। उधर तोलियों महिला मंगल दल अध्यक्ष आशा देवी ने कहा कि जुलाई में गैड़ पेयजल योजना से पृथक संयोजन देने का आश्वासन दिया गया। श्रमदान करने वालों में महिला मंगल दल अध्यक्ष धारगैड़ विमला पंवार, सुशीला देवी, सुरेशी देवी, गोदांबरी देवी, मीना देवी, विनिता देवी, शारदा देवी, कमला देवी, ममता देवी, कुंती देवी आदि शामिल रहे। -फोटो-3केपीआरपी-2 धारगैड़ की महिलाएं श्रमदान कर मोटर मार्ग ठीक करती हुई

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