गैरसैंण, [राज्य ब्यूरो]: प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड में यू-हेल्थ कार्ड योजना को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत कर्मचारियों के वेतन और पेंशनरों की पेंशन से अंशदान की कटौती की जाएगी। हालांकि, यह प्रकरण सरकार में विचाराधीन है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधायक देशराज कर्णवाल की ओर से पूछे गए अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई। बताया गया कि यू-हेल्थ कार्ड योजना राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए लागू की गई है। इसके अंतर्गत कर्मचारियों के वेतन से 0.75 प्रतिशत और पेंशनरों की पेंशन से 0.50 फीसद अंशदान की कटौती का प्रकरण विचाराधीन है। इस योजना को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिसकी कार्यवाही विचाराधीन है। 

स्कूलों के 25 हजार शौचालयों में जल संयोजन नहीं 

स्वच्छता मिशन भले ही जोर-शोर से चल रहा हो, लेकिन यह भी हकीकत है कि राज्य के सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अभी तक शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया है। यही नहीं, जिन विद्यालयों में शौचालय बने भी हैं, उनमें से 25337 में अभी जल संयोजन नहीं हो पाया है। विधायक प्रीतम सिंह पंवार के तारांकित सवाल पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक के विद्यालयों में 43677 शौचालय बने हैं। इनमें प्राथमिक के 23977 और माध्यमिक के 1360 शौचालयों में जल संयोजन कराया जाना शेष है। उन्होंने कहा कि केंद्र से जल संयोजन के लिए धनराशि न मिलने के कारण इसमें दिक्कत आ रही है। हालांकि, ससंदीय कार्य एवं पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सर्वशिक्षा अभियान में इसे रखा गया है। साथ ही विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड के तहत इसकी व्यवस्था के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

कितने बीपीएड प्रशिक्षित, कहना मुश्किल 

राज्य में बीपीएड प्रशिक्षितों की नियुक्ति  के सिलसिले में विधायक हरभजन सिंह चीमा की ओर से पूछे अल्पसूचित प्रश्न पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों में 600 और माध्यमिक विद्यालयों में 996 बीपीएड प्रशिक्षितोंं को नियुक्ति दी गई है। 142 पदों पर चयन की कार्यवाही गतिमान है। हालांकि, जब चीमा ने बीपीएड प्रशिक्षितों की कुल संख्या के बारे में जानकारी चाही तो ठोस उत्तर उन्हें नहीं मिल पाया। 

एक किमी के दायरे में ही स्कूलों का विलीनीकरण 

विधायक हरीश धामी के तारांकित प्रश्न के उत्तर में सरकार की ओर से बताया गया कि 10 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विलीनीकरण की कार्यवाही की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालय बंद नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि एक किमी के दायरे में ऐसे स्कूलों का विलीनीकरण किया जा रहा है। हालांकि, सदस्य यह जानना चाहते थे कि विलीनीकरण के फलस्वरूप बच्चों को आने वाली दिक्कतों पर भी सरकार गौर करेगी, इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों को कोई दिक्कत नहीं आएगी। 

1006 मिनी सचिवालयों में ही इंटरनेट 

पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडे ने विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल के उत्तर में कहा कि ग्राम पंचायतों के सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस एवं प्रभावी योजना संचालित करने पर सरकार विचार कर रही है। इसके तहत ग्राम पंचायत कार्यालयों का आधुनिकीकरण, कंप्यूटरीकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी, अभिलेखों का डिजिटलाइजेशन जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि इंटरनेट की सुविधा कितने ग्राम पंचायत कार्यालयों में है तो उन्होंने बताया कि 1006 में, शेष ग्राम पंचायतों में इसके लिए कार्रवाई की जा रही है। 

परिवहन अनुदान अगले बजट में 

घाटे में चल रहे दुग्ध संघों की माली हालत सुधारने के मददेनजर इन संघों को पूर्व की भांति परिवहन अनुदान देने के संबंध में सरकार अगले बजट में व्यवस्था करेगी। सहकारिता राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सदस्य धन सिंह नेगी के तारांकित प्रश्न के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 11 दुग्ध संघों में फैट के आधार पर दूध के रेट तय किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.85 लाख लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन हो रहा है। 

1944 निष्क्रिय सहकारी समितियों की होगी जांच 

सहकारिता राज्यमंत्री ने सदन में पूछे गए एक अन्य प्रश्न के जवाब में बताया कि राज्य में सहकारिता अधिनियम के तहत 3651 सहकारी समितियां पंजीकृत हैं, जिनमें से 1944 निष्क्रिय हैं। सहकारिता एक्ट 2003 के तहत निष्क्रिय समितियों की जांच कराकर धारा 72 के तहत इनके परिसमापन की कार्यवाही की जा रही है। 

संविदा के आधार पर पद भरने की योजना नहीं 

सहकारिता राज्यमंत्री ने एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि राज्य में पैक्स समितियों में 319 सचिवों के पद रिक्त हैं। फिलहाल इन्हें संविदा के आधार पर भरने की कोई योजना नहीं है।

यह भी पढ़ें: गैसरैंण में शीतकालीन सत्र को लेकर मौसम ने बढ़ाई सरकार की चिंता 

यह भी पढ़ें: गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का वादा जल्द होगा पूरा

यह भी पढ़ें: यूपी में योगी हुए पास, उत्तराखंड में अब त्रिवेंद्र की परीक्षा

Posted By: Raksha Panthari