संवाद सूत्र, गौचर: पीएम केयर्स फंड में 10 लाख रुपये दान देने वाली देवकी भंडारी साइबर ठगी का शिकार हो गई। दूरभाष पर साइबर ठगों ने उनका एटीएम कार्ड नंबर पूछा और धोखे से नंबर जान कर उनके खाते से 47.7 हजार रुपये निकाल लिए। इस संबंध में गौचर रिपोर्टिंग चौकी में तहरीर दी गई है।

देवकी देवी ने बताया कि उन्हें सोमवार को दोपहर 12 बजे मोबाइल पर कॉल आया। जिसमें व्यक्ति ने बताया कि वह सेंट्रल बैंक से बात कर रहा है। उसने कहा कि आपका एटीएम बंद हो गया है। अपने एटीएम कार्ड के 16 अंक बताएं। जिससे दोबारा कार्ड बनाया जा सके। जिस पर उन्होंने फोन करने वाले से जालसाजी करने की बात कही। लेकिन, अपनी बातों से जालसाज 60 वर्षीय देवकी देवी को झांसा देने में सफल रहा। व्यक्ति ने विश्वास दिलाया कि वह बैंक से ही आपको कॉल कर हैं। इसके बाद फोन पर उनके छह से अधिक मैसेज आए। लेकिन, जब मोबाइल पर धनराशि निकाले जाने का संदेश आया तो उनके होश उड़ गए और आनन-फानन में वे गौचर स्थित सेंट्रल बैंक शाखा पर पहुंची और बैंक प्रबंधन से जानकारी जुटाई। जिस पर बैंक स्टाफ द्वारा बताया गया कि उनके बैंक खाते से धनराशि निकाली गई है। जिसके बाद ठगी की शिकायत लेकर पुलिस चौकी गौचर में तहरीर दी गई। गौचर चौकी प्रभारी नवीन चौहान ने बताया कि मामले में जांच शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही साइबर अपराधी पकड़ में आ जाएंगे। निर्धन व्यक्तियों की करती हैं मदद

रेशम विभाग में कार्यरत रहे स्व हुकुम सिंह की पत्नी देवकी देवी ने कोरोना काल के दौरान 31 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर दस लाख रुपये का चेक पीएम केयर्स फंड में गौचर सेंट्रल बैंक के माध्यम से जमा किया था। जिदंगी भर की जमा पूंजी देशहित में दान देने के बाद सोमवार को खाते में शेष 47 हजार रुपये की रकम को साइबर जालसाजों के झांसे में आकर खो बैठी। वर्तमान में देवकी देवी गौचर स्थित एक किराए के कमरे में रहती है और जीवन एकांकी न हो इसके लिए समय-समय पर निर्धन व्यक्तियों की मदद के लिए तत्पर रहती हैं।

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