गोपेश्वर, जेएनएन। पंच केदारों में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार सुबह सुबह शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाटबंदी के बाद बाबा रुद्रनाथ की उत्सव डोली गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर पहुंची। जहां श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा के साथ डोली का स्वागत किया। अब बाबा शीतकाल के छह माह गोपीनाथ मंदिर में ही अपने भक्तों को दर्शन देंगे। 

रुद्रनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी मंयक तिवारी ने बताया कि मंदिर में तड़के भगवान रुद्रनाथ के अभिषेक समेत प्रात: कालीन पूजाएं संपन्न हुईं। इसके बाद मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के कपाट बंद किए गए और बाबा की उत्सव डोली सगर और गंगोल गांव होते हुए गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर अनुसूया प्रसाद भट्ट, प्रेम बल्लभ भट्ट, हरीश भट्ट, प्रयाग दत्त भट्ट समेत कई लोग उपस्थित रहे। 

30 हजार ने किए इस बार दर्शन

रुद्रनाथ धाम पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 19 किमी का सफर दुर्गम रास्ते से पैदल तय करना पड़ता है। यहां भगवान शिव के मुख दर्शन होते हैं। इस वर्ष 30 हजार से अधिक यात्रियों ने रुद्रनाथ पहुंचकर बाबा के दर्शन किए।

मां अनुसूया ने भगवान नृसिंह के किए दर्शन 

जोशीमठ में शुक्रवार को मारवाड़ी में पूजा-अर्चना के बाद सती मां अनुसूया की डोली अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई।

45 वर्ष बाद सती मां अनुसूया की डोली यात्रा गांवों, धामों, तीर्थों के भ्रमण पर है। पहले चरण में बाबा केदार और उसके बाद मां की डोली बदरी-विशाल के दर्शन कर चुकी है। इस बीच पड़ने वाले प्रयागों और तीर्थों में भी मां की डोली पहुंची। जोशीमठ के मारवाड़ी में ग्रामीणों ने अनुसूया की पूजा अर्चना कर मनौती मांगी गई। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने जागरों के माध्यम से मां का आह्वान किया।

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मां पश्वा पर अवतरित हुईं तो उनसे सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा गया। मारवाड़ी में पूजा अर्चना के बाद जब मां की डोली अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई तो महिला श्रद्धालुओं ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। मारवाड़ी से शाम को सती मां अनुसूया की डोली नृसिंह मंदिर पहुंची। अनुसूया के पुजारी बलराम तिवारी ने बताया कि मंदिर में मां का भगवान नृसिंह से मिलन हुआ। 

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Posted By: Raksha Panthari

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