जागरण टीम, गढ़वाल: पहाड़ में चार दिनों की बारिश के बाद मंगलवार को मौसम खुल गया, लेकिन ठंड के कारण लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़े। उधर, लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे सुबह 11 बजे खुला, लेकिन शाम चार बजे फिर बंद हो गया। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बदरीनाथ और केदारनाथ की ऊंची चोटियों में हल्का हिमपात हुआ।

बदरीनाथ के निकट लामबगड़ स्लाइड जोन नासूर बन गया है। आए दिन पत्थर गिरने व भूस्खलन से यात्रा बाधित हो रही है, हालांकि यात्री पैदल आवाजाही कर रहे हैं। परंतु पैदल मार्ग भी खतरनाक बना हुआ है। सोमवार शाम से बंद हाईवे मंगलवार सुबह 11 बजे यातायात के लिए खुला, पत्थर आने से शाम को चार बजे हाईवे फिर बंद हो गया, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लामबगड़ का यह हाल दो दशक से है। इसके ट्रीटमेंट की योजना बनी है, लेकिन काम में देरी के कारण हालत जस की तस है। हालांकि खराब मौसम के बावजूद प्रतिदिन चार हजार से ज्यादा यात्री बदरीनाथ पहुंच रहे हैं।

उधर, चार दिनों की बारिश के बाद रुद्रप्रयाग जिले में मौसम खुल गया। दिन में तो मौसम गुमसुम रहा, लेकिन शाम चार बजे के बाद केदारनाथ की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फ दिखाई देने लगी है। केदारनाथ में भी मंगलवार को दोपहर बार धूप निकली, जिसका लोगों ने लुत्फ उठाया। मौसम खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली।

इस बीच, पिछले चार दिनों से हो रही बारिश से नई टिहरी में मौसम ठंडा हो गया। लोगों ने गर्म कपड़े भी निकाल लिए हैं। सड़कों पर जमा पानी यात्रा को जोखिम भरा बना रहा है, हालांकि अभी तक ऋषिकेश-गंगोत्री व ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग सुचारू है। वहीं, पिछले महीने हुई बारिश के कारण अभी भी घुत्तू-गंगी, लालपुल-भुत्सी व तिमली-काटल मार्ग बंद पड़े है।

Posted By: Jagran

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