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माइनस 12 डिग्री में बदरीनाथ धाम में कठिन तपस्या, बर्फबारी के बीच साधु का वीडियो हो रहा वायरल

Published: Thu, 05 Feb 2026 06:52 PM (IST)

बदरीनाथ धाम में माइनस 12 डिग्री सेल्सियस तापमान और भारी बर्फबारी के बीच एक साधु की कठिन तपस्या का वीडियो ...और पढ़ें

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संवाद सहयोगी जागरण गोपेश्वर (चमोली)। भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम इन दिनों आस्था, तप और अदम्य विश्वास का सजीव साक्ष्य बना हुआ है। मंगलवार को हुई भारी बर्फबारी के बीच, जब तापमान माइनस 12 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया।

उसी समय खुले आसमान के नीचे कठिन तपस्या में लीन एक साधु का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

हिमालय की कड़ाके की ठंड में साधु की यह साधना न केवल लोगों को विस्मित कर रही है, बल्कि देवभूमि की अटूट आध्यात्मिक परंपरा को भी जीवंत कर रही है।

Badrinath Temple after snowfall

शीतकाल के चलते बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बावजूद, आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए कुछ साधु-संत प्रशासन से विशेष अनुमति लेकर यहां कठिन साधना में लीन रहते हैं।

snowfall in Badrinath Dham

वायरल हो रहा यह हृदयस्पर्शी वीडियो उनके ही एक साथी संत द्वारा कैमरे में कैद किया गया है, जो बर्फ से ढकी देवभूमि में संतों की अदम्य इच्छाशक्ति और ईश्वर के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाता है।

मान्यताओं के अनुसार, कपाट बंद रहने की अवधि में बदरी विशाल के धाम में की गई तपस्या का विशेष फल मिलता है। यही गहरा विश्वास साधकों को सफेद चादर में लिपटी इस देवभूमि में, विषम परिस्थितियों के बीच भी डटे रहने की शक्ति देता है।

Badrinath Dham

15 साधु-संत कर रहे हैं तप

‘स्कंद पुराण’ के केदारखंड में उल्लेख है कि बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद भगवान नारायण की पूजा स्वयं देवता करते हैं, जिनमें देव प्रतिनिधि के रूप में नारद मुख्य पुजारी माने जाते हैं।

कपाट बंद रहने की अवधि में साधु-संतों द्वारा भी यहां तप किया जाता है। पिछले वर्ष 20 साधु-संतों ने प्रशासन से अनुमति मांगी थी, जिनमें से पुलिस सत्यापन के बाद 15 साधु-संतों को धाम में रहने की अनुमति प्रदान की गई।

23 अप्रैल को खुलेंगे धाम के कपाट

उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खोले जाएंगे। वहीं, भगवान बदरी विशाल के अभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिलों के तेल की पिराई 7 अप्रैल को संपन्न होगी।

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