संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन सैजी से लगे मैकोट मोटर मार्ग का बिना सर्वेक्षण के समरेखण बदलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2019 में निर्माण एजेंसी ने बिना भूगर्भीय सर्वेक्षण कराए मैना नदी से डुमक गांव का समरेखण बदल दिया। इससे सड़क की लंबाई करीब चार किलोमीटर घट गई। इसको अनुबंध में परिवर्तित नहीं किया गया है।

जोशीमठ ब्लाक के दूरस्थ गाव डुमक के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रेम सिंह सनवाल, प्रताप सिंह, यशवंत सिंह, गणपत सिंह तथा योगंबर सिंह ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी व अपर जिलाधिकारी से मुलाकात की और बताया कि विगत कई वर्षो से सड़क की मांग को लेकर इस क्षेत्र के 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण आंदोलन करते आ रहे हैं। इसके फलस्वरूप इस सड़क की स्वीकृति 2008 में हुई थी। विभागीय लापरवाही एवं ठेकेदारों की मनमानी के चलते 14 साल बीत जाने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। कहा कि ठेकेदार कछुआ गति से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए मोटर मार्ग की लंबाई घटाकर लिक रोड बनाए जाने की साजिश रची जा रही है। ग्रामीणों के विरोध से बचने के लिए पुन: भूगर्भीय सर्वेक्षण विभाग से कराए जाने की चर्चा की जा रही है। उन्होंने इस मोटर मार्ग की विसंगतियों को दूर करने के लिए विधानसभा चुनावों के मतदान से पूर्व पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता के साथ ग्रामीणों की बातचीत किए जाने का आग्रह किया। कहा कि यदि मतदान से पूर्व ग्रामीणों के साथ अधिकारियों की सकारात्मक वार्ता नहीं होगी, तो जनप्रतिनिधियों का विरोध किया जाएगा। मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी हेमंत वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन देते हुए कहा कि जोशीमठ के उपजिलाधिकारी की मौजूदगी में जल्द ग्रामीणों की पीएमजीएसवाई के अधिकारियों के साथ जोशीमठ में वार्ता की जाएगी।

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