जागरण संवाददाता, बागेश्वर: शहर से लेकर गांवों तक पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। कई जगह एक सप्ताह तो कई जगह दस दिनों से पानी नहीं आ रहा है। इससे लोगों में आक्रोश पनपने लगा है।

जिला मुख्यालय के मंडलसेरा में एक सप्ताह से पानी की आपूíत ठप है। वहां जलसंस्थान टैंकर से पानी की आपूíत कर रहा है। चौरासी में भी पानी का संकट पैदा हो गया है इससे उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। अलबत्ता यदि समय से बारिश नहीं हुई तो संकट और गहराने की आशंका बनी हुई है। शहर से सटा गांव मंडलसेरा की जनसंख्या करीब पांच हजार है। यह कस्बा कम गांव अधिक है। यहां किसान खेती करते हैं। अधिकतर लोगों की आजीविका पशुपालन भी है। एक सप्ताह से अधिक समय हो गया है। यहां जलसंस्थान पानी की आपूíत नहीं कर पा रहा है। दो-दो योजनाओं के होने के बावजूद भी लोग पानी को तरस रहे हैं। पीने का पानी टैंकर के जरिए गांववालों को वितरित किया जा रहा है। लेकिन मवेशियों के लिए लोग खुद ही पानी का इंतजाम कर रहे हैं। ग्रामीण मोहन ¨सह, बिमला देवी, किशन कुमार, राधा देवी, कोमल, हीरा ¨सह आदि ने बताया कि मवेशियों के लिए 15 रुपये कनस्तर पानी नदी से मंगना पड़ रहा है। नेपाली मजदूर पानी ढोने में लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दुधारू मवेशियों को भरपूर पानी नहीं मिलने से उनका दूध भी कम हो गया है। वह बीमार भी पड़ने लगे हैं। उधर चौरासी दो दिन से पानी की आपूíत ठप है। सेनौला धारे से पानी ढो रहे हैं। कपड़ा धोने और नहाने के लिए सरयू नदी का रुख कर रहे हैं। इससे नाराज गंगा ¨सह, मोहन उपाध्याय, रणजीत ¨सह, खीम राम, ललित जोशी आदि ने कहा कि यदि पानी की आपूíत सुचारू नहीं हुई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।

..........

जखेड़ा पेयजल लाइन की मरम्मत का काम चल रहा है। ¨सचाई करने वाले हेड तोड़ रहे हैं। जिससे पानी की आपूíत चरमरा गई है। जल्द व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।

-नंद किशोर, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस