जागरण संवाददाता, बागेश्वर : इंडस्ट्रियल हैंप कल्टीवेशन पायलट प्रोजेक्ट के तहत 10.50 लाख रुपये जिला प्रशासन ने स्वीकृत किए हैं। इसके तहत जंगली जानवरों, बंदरों आदि से फसलों को होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा। यह नवीन पहल जिला प्रशासन ने की है। बंजर भूमि को उपजाऊ कर किसानों की आजीविका में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है।

कृषि विभाग ने परंपरागत के साथ ही वाणिज्यिक फसलों के उत्पादन को नया प्रोजेक्ट तैयार किया है। पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप ऐसी फसलों का भी उत्पादन किया जाएगा, जो जंगली जानवर, सूअर, बंदर आदि के नुकसान से बच सके। यह प्रोजेक्ट बंजर भूमि को फिर से हरा-भरा बनाएगा। इसके लिए कृषि विभाग ने खाती और मनकोट क्षेत्र में इंडस्ट्रियल हैंप कल्टीवेशन पायलट प्रोजेक्ट के लिए 40 किसानों को शामिल किया है। जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट को समझा और 10 लाख 50 हजार 773 रुपये की धनराशि कृषि विभाग को अमुवक्त कर दी है।

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बहुविभागीय टीम गठित

किसानों को विभिन्न प्रकार की तकनीकी एवं वित्तीय मार्गदर्शन के लिए डीएम से बहुविभागीय समिति भी गठित की है। इसमें मुख्य कृषि अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, महाप्रबंधक उद्योग के साथ-साथ दो प्रगतिशील किसान दिनेश पांडे व राजेश चौबे को नामित किया है। यह समिति पायलट प्रोजेक्ट के लिए किसानों का समूह बनाएगी और उनका कोआपरेटिव पंजीकरण होगा। लाइसेंस के बाद उत्पादित माल को बाजार तक पहुंचाया जाएगा।

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स्वीकृत राशि से होगी खरीद

खाती और मनकोट में एक हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया। यहां दो पॉलीहाउस, सिचाई टैंक, जल पंप लगाए जाएंगे। किसानों को प्रशिक्षण, फर्टिलाइजर के साथ उन्नत किस्म के बीज आदि की व्यवस्था व्यवस्था निश्शुल्क होगी। -वर्जन-

नवीन पहल से जहां किसानों की बंजर भूमि आबाद होगी, वहीं किसानों की आजीविका में गुणात्मक सुधार होगा। 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के लक्ष्य को धरातल पर उतारा जाएगा। जंगली जानवरों से भी फसल को बचाया जा सकेगा।

-विनीत कुमार, डीएम, बागेश्वर।

Edited By: Jagran